Adhyay 4

Manusmriti

Shloka 187 Chapter Four

Adhyay 4
Shloka 187

Chapter Four

Subject: गृहस्थान्तार्गत आजीविका एवं व्रत विषय

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Adhyay 4 Shloka 187
Shloka
न द्रव्याणां अविज्ञाय विधिं धर्म्यं प्रतिग्रहे। प्राज्ञः प्रतिग्रहं कुर्यादवसीदन्नपि क्षुधा॥

Bhashya

Subject
(प्राज्ञः) बुद्धिमान् ब्राह्मण को चाहिए कि (द्रव्याणां प्रतिग्रहे धर्म्यं विधिम् अविज्ञाय) द्रव्यों के दान लेने में धर्म की विधि को बिना जाने (क्षुधा अवसीदन् अपि) भूख से पीड़ित होताहुआ भी (प्रतिग्रहं न कुर्यात्) दानग्रहण न करे॥१८७॥