Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 19 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 19

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 19
Shloka
तेषां इदं तु सप्तानां पुरुषाणां महौजसाम्। सूक्ष्माभ्यो मूर्तिमात्राभ्यः संभवत्यव्ययाद्व्ययम्॥
Pada
तेषाम्। इदं। तु। सप्तानां। पुरुषाणां। महा-ओजसाम्। सूक्ष्माभ्यो। मूर्तिमात्राभ्यः। संभवत्यव्ययाद्। व्ययम्।

Bhashya

Subject
समस्त विनश्वर संसार की उत्पत्ति
Meaning
[ इस प्रकार ] (अव्ययात्) विनाशरहित परमात्मा से (तेषां तु) उन्हीं [१४, १५ में वर्णित ] (महौजसाम्) महाशक्तिशाली (सप्तानां पुरुषाणाम्) सात तत्त्वों— महत्, अहंकार तथा पाँच तन्मात्राओं के (सूक्ष्माभ्यः मूर्तिमात्राभ्यः) जगत् कें पदार्थों का निर्माण करने वाले सूक्ष्म विकारी अंशों से (इदम् व्ययम्) यह दृश्यमान विनाशशील समस्त जगत् (सम्भवति) उत्पन्न होता है॥१९॥