Yajurveda Marathi Bhashya (Mata Savita Joshi)

Yajurveda Adhyay 14 / Mantra 20

31 Mantra
14/20
Devata- अग्न्यादयो देवताः Rishi- विश्वदेव ऋषिः Chhand- भुरिग्ब्राह्मी त्रिष्टुप् Swara- धैवतः
Mantra with Swara
अ॒ग्निर्दे॒वता॒ वातो॑ दे॒वता॒ सूर्यो॑ दे॒वता॑ च॒न्द्रमा॑ दे॒वता॒ वस॑वो दे॒वता॑ रु॒द्रा दे॒वता॑ऽऽदि॒त्या दे॒वता॑ म॒रुतो॑ दे॒वता॒ विश्वे॑ दे॒वा दे॒वता॒ बृह॒स्पति॑र्दे॒वतेन्द्रो॑ दे॒वता॒ वरु॑णो दे॒वता॑॥२०॥

अ॒ग्निः। दे॒वता॑। वातः॑। दे॒वता॑। सूर्यः॑। दे॒वता॑। च॒न्द्रमाः॑। दे॒वता॑। वस॑वः। दे॒वता॑। रु॒द्राः। दे॒वता॑। आ॒दि॒त्याः। दे॒वता॑। म॒रुतः॑। दे॒वता॑। विश्वे॑। दे॒वाः। दे॒वता॑। बृह॒स्पतिः॑। दे॒वता॑। इन्द्रः॑। दे॒वता॑। वरु॑णः। दे॒वता॑ ॥२० ॥

Mantra without Swara
अग्निर्देवता वातो देवता सूर्या देवता चन्द्रमा देवता वसवो देवता रुद्रा देवता आदित्या देवता मरुतो देवता विश्वे देवा देवता बृहस्पतिर्देवतेन्द्रो देवता वरुणो देवता ॥

अग्निः। देवता। वातः। देवता। सूर्यः। देवता। चन्द्रमाः। देवता। वसवः। देवता। रुद्राः। देवता। आदित्याः। देवता। मरुतः। देवता। विश्वे। देवाः। देवता। बृहस्पतिः। देवता। इन्द्रः। देवता। वरुणः। देवता॥२०॥

Yajurveda Marathi Bhashya (Mata Savita Joshi)

मराठी
Yajurveda Marathi Bhashya (Mata Savita Joshi) - मराठी
Essence
या जगात जे चांगले गुण असणारे पदार्थ आहेत ते सर्व दिव्य गुण, कर्म, स्वभावयुक्त असतात त्यासाठी त्यांना देवता म्हटले जाते व जो देवांचा देव असा महादेव सर्वांचा धारक, निर्माता, रक्षक, व्यवस्थापक, रचनाकार, सर्वशक्तिमान, दयाळू, न्यायी, प्रलयकाळी संहारक व उत्पत्तिरहित आहे. असा सर्वांचा अधिष्ठाता असलेल्या परमेश्वराला सर्व माणसांनी जाणावे.