Yajurveda Bhashyam (Swami Dayanand Saraswati)

Yajurveda Adhyay 18 / Mantra 8

77 Mantra
18/8
Devata- आत्मा देवता Rishi- देवा ऋषयः Chhand- स्वराट् शक्वरी Swara- धैवतः
Mantra with Swara
शं च॑ मे॒ मय॑श्च मे प्रि॒यं च॑ मेऽनुका॒मश्च॑ मे॒ काम॑श्च मे सौमन॒सश्च॑ मे॒ भग॑श्च मे॒ द्रवि॑णं च मे भ॒द्रं च॑ मे॒ श्रेय॑श्च मे॒ वसी॑यश्च मे॒ यश॑श्च मे य॒ज्ञेन॑ कल्पन्ताम्॥८॥

शम्। च॒। मे॒। मयः॑। च॒। मे॒। प्रि॒यम्। च॒। मे॒। अ॒नु॒का॒म इत्य॑नुऽका॒मः। च॒। मे॒। कामः॑। च॒। मे॒। सौ॒म॒न॒सः। च॒। मे॒। भगः॑। च॒। मे॒। द्रवि॑णम्। च॒। मे॒। भ॒द्रम्। च॒। मे॒। श्रेयः॑। च॒। मे॒। वसी॑यः। च॒। मे॒। यशः॑। च॒। मे॒। य॒ज्ञेन॑। क॒ल्प॒न्ता॒म् ॥८ ॥

Mantra without Swara
शञ्च मे मयश्च मे प्रियञ्च मे नुकामश्च मे कामश्च मे सौमनसश्च मे भगश्च मे द्रविणञ्च मे भद्रञ्च मे श्रेयश्च मे वसीयश्च मे यशश्च मे यज्ञेन कल्पन्ताम् ॥

शम्। च। मे। मयः। च। मे। प्रियम्। च। मे। अनुकाम इत्यनुऽकामः। च। मे। कामः। च। मे। सौमनसः। च। मे। भगः। च। मे। द्रविणम्। च। मे। भद्रम्। च। मे। श्रेयः। च। मे। वसीयः। च। मे। यशः। च। मे। यज्ञेन। कल्पन्ताम्॥८॥

Yajurveda Bhashyam (Swami Dayanand Saraswati)

संस्कृत
Yajurveda Bhashyam (Swami Dayanand Saraswati) - संस्कृत
Meaning
(शम्) कल्याणम् (च) (मे) (मयः) ऐहिकं सुखम् (च) (मे) (प्रियम्) प्रीतिकारकम् (च) (मे) (अनुकामः) धर्मानुकूला कामना (च) (मे) (कामः) काम्यते येन यस्मिन् वा (च) (मे) (सौमनसः) शोभनं च तन्मनः सुमनस्तस्य भावः (च) (मे) (भगः) ऐश्वर्य्यसंघातः (च) (मे) (द्रविणम्) बलम् (च) (मे) (भद्रम्) भन्दनीयं सुखम् (च) (मे) (श्रेयः) मुक्तिसुखम् (च) (मे) (वसीयः) अतिशयेन वस्तृ वसीयः (च) (मे) (यशः) कीर्तिः (च) (मे) (यज्ञेन) सुखसिद्धिकरेणेश्वरेण (कल्पन्ताम्)॥८॥
Essence
मनुष्यैर्येन कर्मणा सुखादयो वर्द्धेरंस्तदेव कर्म सततं सेवनीयम्॥८॥
Subject
पुनस्तमेव विषयमाह॥
Anvaya
मे शं च मे मयश्च मे प्रियं च मेऽनुकामश्च मे कामश्च मे सौमनसश्च मे भगश्च मे द्रविणं च मे भद्रं च मे श्रेयश्च मे वसीयश्च मे यशश्च यज्ञेन कल्पन्ताम्॥८॥