Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Yajurveda Adhyay 29 / Mantra 52

60 Mantra
29/52
Devata- शरदृतुर्देवता Rishi- भारद्वाज ऋषिः Chhand- भुरिक् पङ्क्तिः Swara- पञ्चमः
Mantra with Swara
वन॑स्पते वी॒ड्वङ्गो॒ हि भू॒याऽअ॒स्मत्स॑खा प्र॒तर॑णः सु॒वीरः॑।गोभिः॒ सन्न॑द्धोऽअसि वी॒डय॑स्वास्था॒ता ते॑ जयतु॒ जेत्वा॑नि॥५२॥

वन॑स्पते। वी॒ड्व᳖ङ्ग॒ इति॑ वी॒डुऽअ॑ङ्गः। हि। भू॒याः। अ॒स्मत्स॒खेत्य॒स्मत्ऽस॑खा। प्र॒तर॑ण॒ इति॑ प्र॒ऽतर॑णः। सु॒वीर॒ इति॑ सु॒ऽवीरः॑। गोभिः॑। सन्न॑द्ध॒ इति॒ सम्ऽन॑द्धः अ॒सि॒। वी॒डय॑स्व। आ॒स्था॒तेत्या॑ऽस्था॒ता। ते॒। ज॒य॒तु॒। जेत्वा॑नि ॥५२ ॥

Mantra without Swara
वनस्पते वीड्वङ्गो हि भूयाऽअस्मत्सखा प्रतरणः सुवीरः । गोभिः सन्नद्धोऽअसि वीडयस्वास्थाता ते जयतु जेत्वानि् ॥

वनस्पते। वीड्वङ्ग इति वीडुऽअङ्गः। हि। भूयाः। अस्मत्सखेत्यस्मत्ऽसखा। प्रतरण इति प्रऽतरणः। सुवीर इति सुऽवीरः। गोभिः। सन्नद्ध इति सम्ऽनद्धः असि। वीडयस्व। आस्थातेत्याऽस्थाता। ते। जयतु। जेत्वानि॥५२॥

Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
१. प्रस्तुत मन्त्र में रथ को 'वनस्पते' शब्द से सम्बोधन किया गया है। रथ बहुत कुछ वनस्पति-विकार व काष्ठमय होता ही है। यह हमारा शरीररूप रथ भी वनस्पति का विकार ही होना चाहिए, यह मांस से परिपुष्ट न होकर वनस्पति से ही पोषण को प्राप्त करे। हे (वनस्पते) = वनस्पतिविकार रथ! तू (हि) = निश्चय से (वीड्वङ्गः) = दृढ़ अङ्गवाला (भूयाः) = हो । (अस्मत् सखा) = तू हमारा साथी हो। इस जीवन यात्रा में सचमुच हमारी मदद देनेवाला हो। (प्रतरणः) = सब विघ्नों को तैर जानेवाला हो । (सुवीर:) = उत्तम वीरतावाला हो। २. (गोभिः सन्नद्धः असि) = हे युद्धवाले रथ! तू गौ के श्लेष्मचर्मों से सम्यक् बँधा हुआ है, इधर हमारा यह शरीररूप रथ भी गोविकार दूध आदि पदार्थों से दृढ़ गठे हुए अङ्गोंवाला है। (वीडयस्व) = तू दृढ़ता के कार्यों को करनेवाला हो, तेरे कार्य वीरतापूर्ण हों। ३. (ते अस्थाता) = तुझपर आसीन होनेवाला (जेत्वानि) = विजेतव्य देशों व द्रव्यों को (जयतु) = जीते।
Essence
भावार्थ - हमारा शरीररूप रथ 'वनस्पतिविकार' ही हो, अर्थात् हम वानस्पतिक भोजन ही करें। गोदुग्ध से हमारे अङ्ग-प्रत्यङ्ग सुगठित हों। इस शरीररूप रथ पर आसीन होकर हम विजेतव्य वस्तुओं का विजय करें।
Subject
रथ