Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Yajurveda Adhyay 29 / Mantra 33

60 Mantra
29/33
Devata- वाग्देवता Rishi- भार्गवो जमदग्निर्ऋषिः Chhand- भुरिक् पङ्क्तिः Swara- पञ्चमः
Mantra with Swara
आ नो॑ य॒ज्ञं भार॑ती॒ तूय॑मे॒त्विडा॑ मनु॒ष्वदि॒ह चे॒तय॑न्ती।ति॒स्रो दे॒वीर्ब॒र्हिरेद स्यो॒नꣳ सर॑स्वती॒ स्वप॑सः सदन्तु॥३३॥

आ। नः॒। य॒ज्ञम्। भार॑ती॒। तूय॑म्। ए॒तु॒। इडा॑। म॒नु॒ष्वत्। इ॒ह। चे॒तय॑न्ती। ति॒स्रः। दे॒वीः। ब॒र्हिः। आ। इ॒दम्। स्यो॒नम्। सर॑स्वती। स्वप॑स॒ इति॑ सु॒ऽअप॑सः। स॒द॒न्तु॒ ॥३३।

Mantra without Swara
आ नो यज्ञम्भारती तूयमेत्विडा मनुष्वदिह चेतयन्ती । तिस्रो देवीर्बर्हिरेदँ स्योनँ सरस्वती स्वपसः सदन्तु ॥

आ। नः। यज्ञम्। भारती। तूयम्। एतु। इडा। मनुष्वत्। इह। चेतयन्ती। तिस्रः। देवीः। बर्हिः। आ। इदम्। स्योनम्। सरस्वती। स्वपस इति सुऽअपसः। सदन्तु॥३३।

Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
१. (नः) = हमारे (यज्ञम्) = जीवनयज्ञ में (भारती) = [भरत: आदित्य:, तस्य इयं भारती] सूर्य के समान देदीप्यमान ज्ञान - ज्योति (तूयम्) = शीघ्र आ-सब प्रकार से एतु प्राप्त हो। २. (मनुष्वत्) = एक ज्ञानी पुरुष को जैसे चाहिए उस प्रकार (इह) = इस जीवनयज्ञ में (चेतयन्ती) = चेतना को प्राप्त कराती हुई, संज्ञानवाला करती हुई (इडा) = यह श्रद्धा नामक देवता भी हमारे जीवनयज्ञ में शीघ्रता से प्राप्त हो । श्रद्धा न रहने पर 'जीवन' यज्ञ नहीं रहता, यह भोग का स्थान बन जाता है। 'Eat, drink and be merry '-' खाओ-पीओ, मौज उड़ाओ' यह उनके जीवन का सिद्धान्त बन जाता है । ३. भारती व (इडा) = के साथ सरस्वती यह वाणी देवता भी है और के इस प्रकार (तिस्रः देवी:) = तीनों देवियाँ (स्वपसः) = [सु अपस्] उत्तम कर्मशील पुरुष (इदम् स्योनम्) = इस सुखमय (बर्हिः) = वासनाशून्य हृदय में (आसदन्तु) = आसीन हों, अर्थात् हम 'भारती, इडा व सरस्वती' इन तीनों देवियों को अपनाने का प्रयत्न करें। इन तीनों देवियों को अपनानेवाला व्यक्ति वही होता है जो 'स्वपस्' हो, उत्तम कर्मोंवाला हो। इस उत्तम कर्मोंवाले का हृदय वासनाशून्य होता है और वासनाशून्य हृदय में ही इन देवियों का स्थान है।
Essence
भावार्थ- हमारे जीवन में 'भारती, इडा व सरस्वती' तीनों देवियों का समुचित स्थान हो।
Subject
स्वपस के बर्हि में