Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Yajurveda Adhyay 28 / Mantra 8

46 Mantra
28/8
Devata- इन्द्रो देवता Rishi- बृहदुक्थो गोतम ऋषिः Chhand- निचृज्जगती Swara- निषादः
Mantra with Swara
होता॑ यक्षत् ति॒स्रो दे॒वीर्न भे॑ष॒जं त्रय॑स्त्रि॒धात॑वो॒ऽपस॒ऽ इडा॒ सर॑स्वती॒ भार॑ती म॒हीः। इन्द्र॑पत्नीर्ह॒विष्म॑ती॒र्व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑॥८॥

होता॑। य॒क्ष॒त्। ति॒स्रः। दे॒वीः। न। भे॒ष॒जम्। त्रयः॑। त्रि॒धात॑व॒ इति॑ त्रि॒ऽधात॑वः। अ॒पसः॑। इडा॑। सर॑स्वती। भार॑ती। म॒हीः। इन्द्र॑पत्नी॒रितीन्द्र॑ऽपत्नीः। ह॒विष्म॑तीः। व्यन्तु॑। आज्य॑स्य। होतः॑। यज॑ ॥८ ॥

Mantra without Swara
होता यक्षत्तिस्रो देवीर्न भेषजन्त्रयस्त्रिधातवो पस इडा सरस्वत्भारती महीः । इन्द्रपत्नीर्हविष्मतीर्व्यन्त्वाज्यस्य होतर्यज ॥

होता। यक्षत्। तिस्रः। देवीः। न। भेषजम्। त्रयः। त्रिधातव इति त्रिऽधातवः। अपसः। इडा। सरस्वती। भारती। महीः। इन्द्रपत्नीरितीन्द्रऽपत्नीः। हविष्मतीः। व्यन्तु। आज्यस्य। होतः। यज॥८॥

Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
१. (होता) = दानपूर्वक अदन करनेवाला (तिस्रः देवी:) = तीन देवियों को यक्षत् = अपने साथ संगत करता है, जो देवियाँ (भेषजम्) = औषध हैं। (त्रयः) = [तिस्र] ये तीनों (त्रिधातवः) = शरीर, मन व बुद्धि को धारण करनेवाली हैं। (अपस:) = कर्मशील हैं, अर्थात् ये हमारे जीवन को क्रियाशील बनानेवाली हैं। २. ये देवियाँ क्रमशः (इडा) = सरस्वती = भारती - श्रद्धा, वाणी व मस्तिष्क में रहनेवाली विद्या की अधिदेवता तथा 'भारती' शरीर का सम्यक् भरण करनेवाली पोषण की देवता हैं। इनका क्रमशः मन, मस्तिष्क व शरीर में निवास है। ये सब (मही:) = महनीय हैं, हमारे जीवन को भी ये महनीय बनाती हैं । ३. (इन्द्रपत्नी:) = ये इन्द्र की पत्नियाँ, जीवात्मा की शक्तियाँ हैं । (हविष्मती:) = हविवाली हैं। इनके कारण मनुष्य में देकर खाने की वृत्ति पैदा होती है। ४. ये तीनों देवियाँ आज्यस्य व्यन्तु शरीर में शक्ति का पान करनेवाली हों। (होत:) = देकर खानेवाले जीव ! तू (यज) = इन देवियों को अपने साथ संगत कर ।
Essence
भावार्थ - मन में श्रद्धा, मस्तिष्क में सरस्वती और शरीर में भारती- ये तीनों देवियाँ हमारे शरीर, मन व मस्तिष्क का धारण करनेवाली हों। ये शरीर में शक्ति का पान करनेवाली हों।
Subject
हविष्मती इन्द्र पत्नियाँ होता॑