Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Yajurveda Adhyay 26 / Mantra 11

26 Mantra
26/11
Devata- अग्निर्देवता Rishi- नोधा गोतम ऋषिः Chhand- बृहती Swara- मध्यमः
Mantra with Swara
तं वो॑ द॒स्ममृ॑ती॒षहं॒ वसो॑र्मन्दा॒नमन्ध॑सः। अ॒भि व॒त्सं न स्वस॑रेषु धे॒नव॒ऽइन्द्रं॑ गी॒र्भिर्न॑वामहे॥११॥

तम्। वः॒। द॒स्मम्। ऋ॒ती॒षह॑म्। ऋ॒ति॒सह॒मित्यृति॒ऽसह॑म्। वसोः॑। म॒न्दा॒नम्। अन्ध॑सः। अ॒भि। व॒त्सम्। न। स्वस॑रेषु। धे॒नवः॑। इन्द्र॑म्। गी॒र्भिरिति॑ गी॒ऽभिः। न॒वा॒म॒हे॒ ॥११ ॥

Mantra without Swara
तँवो दस्ममृतीषहँवसोर्मन्दानमन्धसः । अभि वत्सन्न स्वसरेषु धेनवऽइन्द्रङ्गीर्भिर्नवामहे ॥

तम्। वः। दस्मम्। ऋतीषहम्। ऋतिसहमित्यृतिऽसहम्। वसोः। मन्दानम्। अन्धसः। अभि। वत्सम्। न। स्वसरेषु। धेनवः। इन्द्रम्। गीर्भिरिति गीऽभिः। नवामहे॥११॥

Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
१. प्रस्तुत मन्त्र का ऋषि 'नोधा'- नवधा स्तुति को धारण करनेवाला अथवा स्तुति के द्वारा आत्मधारण करनेवाला कहता है कि (तं इन्द्रम्) = उस परमैश्वर्यशाली प्रभु को (गीर्भिः) = इन ज्ञान की वाणियों के द्वारा (नवामहे) = स्तुत करते हैं, जो [क] (व:) = आप सबके (दस्मम्) = दर्शनीय [प्रियवादिनं कार्यसाधकं च - उ० ] हैं अथवा [दसु उपक्षये] दुःखों का नाश करनेवाले हैं, [ख] (ऋतीषहम्) = गति के द्वारा वासनाओं का पराभव करनेवाले हैं, अर्थात् हमें कर्मशील बनाकर काम, क्रोध आदि वासनओं में न फँसने देनेवाले हैं। [ग] (वसोः) = [ वासयितुः - उ० ] उत्तम निवास के कारणभूत (अन्धसः) = सोम के द्वारा (मन्दानम्) = आनन्दित करनेवाले हैं । ३. उस प्रभु की ओर हम (स्वसरेषु) = दिनों में, अर्थात् प्रतिदिन (नवामहे) = जाते हैं (न) = जैसे (धेनवः) = दुधार गौवें (वत्सम् अभि) = बछड़े की ओर। जैसे गो बछड़े की प्रति प्रेम से जाती है उसी प्रकार हम प्रेम से प्रभु की ओर जाते हैं। जिस प्रकार दूध से भरे ऊधस्वाली गौ के लिए बछड़े की ओर न जाना व्याकुलता का कारण होता है, इसी प्रकार हमें प्रभु के उपासन के बिना अनमनापन सा लगे । हम प्रभु के उपासन के लिए उतावले हों।
Essence
भावार्थ- हम प्रभु-उपासन के लिए उसी प्रकार प्रेमवाले हों जैसेकि गौ बछड़े के प्रति जाने के लिए प्रेमवाली होती है। प्रभु ही हमारे सब दुःखों के नाशक हैं।
Subject
दुःखनाशक प्रभु