Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Yajurveda Adhyay 19 / Mantra 23

95 Mantra
19/23
Devata- सोमो देवता Rishi- हैमवर्चिर्ऋषिः Chhand- अनुष्टुप् Swara- गान्धारः
Mantra with Swara
पय॑सो रू॒पं यद्यवा॑ द॒ध्नो रू॒पं क॒र्कन्धू॑नि। सोम॑स्य रू॒पं वाजि॑नꣳ सौ॒म्यस्य॑ रू॒पमा॒मिक्षा॑॥२३॥

पय॑सः। रू॒पम्। यत्। यवाः॑। द॒ध्नः। रू॒पम्। क॒र्कन्धू॑नि। सोम॑स्य। रू॒पम्। वाजि॑नम्। सौ॒म्यस्य॑। रू॒पम्। आ॒मिक्षा॑ ॥२३ ॥

Mantra without Swara
पयसो रूपँयद्यवा दध्नो रूपङ्कर्कन्धूनि । सओमस्य रूपँवाजिनँ सौम्यस्य रूपमामिक्षा ॥

पयसः। रूपम्। यत्। यवाः। दध्नः। रूपम्। कर्कन्धूनि। सोमस्य। रूपम्। वाजिनम्। सौम्यस्य। रूपम्। आमिक्षा॥२३॥

Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
१. (यत् यवाः) = ये जो जौ हैं, वे (पयसः रूपम्) = दूध का स्थानापन्न भोजन हैं, २. (दध्नः रूपम्) = दही का स्थानापन्न भोजन कर्कन्धूनि स्थूल बदरी फल हैं ३. (सोमस्य रूपम्) = सोम का स्थानापन्न (वाजिनम्) = दूध का पतला भाग [whey] है, ४. (सोमस्य) = सोम से बने हुए भोजन का स्थानापन्न (आमिक्षा) = फटे दूध का घनभाग है, जिसमें दही मिलाया गया है, [curd of milk and whey ]
Essence
भावार्थ- ' यव- कर्कन्धु-वाजिन तथा आमिक्षा' ये हमारे प्रिय भोजन हो ।
Subject
अन्य उपादेय पदार्थ