Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Yajurveda Adhyay 16 / Mantra 43

66 Mantra
16/43
Devata- रुद्रा देवताः Rishi- परमेष्ठी प्रजापतिर्वा देवा ऋषयः Chhand- जगती Swara- निषादः
Mantra with Swara
नमः॑ सिक॒त्याय च प्रवा॒ह्याय च॒ नमः॑ किꣳशि॒लाय॑ च क्षय॒णाय॑ च॒ नमः॑ कप॒र्दिने॑ च पुल॒स्तये॑ च॒ नम॑ऽइरि॒ण्याय च प्र॒पथ्याय च॥४३॥

नमः॑। सि॒क॒त्या᳖य। च॒। प्र॒वा॒ह्या᳖येति॑ प्रऽवा॒ह्या᳖य। च॒। नमः॑। कि॒ꣳशि॒लाय॑। च॒। क्ष॒य॒णाय॑। च॒। नमः॑। क॒प॒र्दिने॑। च॒। पु॒ल॒स्तये॑। च॒। नमः॑। इ॒रि॒ण्या᳖य। च॒। प्र॒प॒थ्या᳖येति॑ प्रऽप॒थ्या᳖य। च॒ ॥४३ ॥

Mantra without Swara
नमः सिकत्याय च प्रवाह्याय च नमः किँशिलाय च क्षयणाय च नमः कपर्दिने च पुलस्तये च नम इरिण्याय च प्रपथ्याय च नमः सिकत्याय ॥

नमः। सिकत्याय। च। प्रवाह्यायेति प्रऽवाह्याय। च। नमः। किꣳशिलाय। च। क्षयणाय। च। नमः। कपर्दिने। च। पुलस्तये। च। नमः। इरिण्याय। च। प्रपथ्यायेति प्रऽपथ्याय। च॥४३॥

Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Yajurveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
१. (सिकत्याय च नमः) = [सिकतासु भवः] बालू [रेता] के विज्ञान को जाननेवाले का हम आदर करते हैं, (च) = और (प्रवाह्याय) = [प्रवाहे स्रोतसि भवः] जलधारा में बहकर आनेवाली मिट्टी, रेत आदि के विज्ञान में निपुण पुरुष का भी हम आदर करते हैं । २. (किंशिलाय च नमः) = [कुत्सिताः क्षुद्राः शिलाः शर्करारूपा: पाषाणाः तेषु भवः] पत्थर झुरझुरकर बनी हुई बजरी के प्रयोग को समझनेवाले का हम आदर करते हैं, (च) = और (क्षयणाय) = [क्षियन्ति निवसन्त्यापो यत्र]'जिनमें जलों का निवास सम्भव है' इस प्रकार के सीमैण्ट आदि के द्वारा गृह निर्माण कुशल पुरुष के लिए भी हम मान देते हैं। ३. (कपर्दिने च नमः) = कौड़ी, सीप, शंख आदि के अध्यक्ष के लिए हम आदर देते हैं, (च) = तथा (पुलस्तये) = बड़े-बड़े भारी पदार्थों को उठानेवाले यन्त्रों के निर्माता [महाकायक्षेत्रे-द०] के लिए भी हममें सम्मान का भाव हो । ४. (इरिण्याय च नमः) = [इरिणम् ऊषरम् तत्र भव:] ऊसर भूमियों के अधिकारी व विज्ञाता का हम आदर करें, (च) = तथा (प्रपथ्याय) = [प्रकृष्ट: पन्थाः तत्र भवः] प्रकृष्ट मार्गों के निर्माता का भी हम मान करें।
Essence
भावार्थ - घरों के बनाने में प्रयुक्त होनेवाले रेता, मिट्टी, बजरी व सीमैण्ट आदि के विज्ञाता तथा शंखादि के प्रयोगकर्त्ता, भारवाहक यन्त्रों के निर्माता, ऊसर भूमि के प्रयोगज्ञ तथा बड़े-बड़े मार्गों के निर्माताओं का हम मान करें।
Subject
गृह आदि निर्माण