Samveda Bhashyam (Tulsiram Swami)

Samveda Mantra 1654

1875 Mantra
Devata- इन्द्रः Rishi- शुनःशेप आजीगर्तिः Chhand- एकपदा पङ्क्तिः Swara- पञ्चमः
Mantra with Swara
सु꣣म꣢न्मा꣣ व꣢स्वी꣣ र꣡न्ती꣢ सू꣣न꣡री꣢ ॥१६५४

सु꣣म꣡न्मा꣢ । सु꣣ । म꣡न्मा꣢꣯ । व꣡स्वी꣢꣯ । र꣡न्ती꣢꣯ । सू꣣न꣡री꣢ । सु꣣ । न꣡री꣢꣯ ॥१६५४॥

Mantra without Swara
सुमन्मा वस्वी रन्ती सूनरी ॥१६५४

सुमन्मा । सु । मन्मा । वस्वी । रन्ती । सूनरी । सु । नरी ॥१६५४॥

Samveda - Mantra Number : 1654
(Kauthum) उत्तरार्चिकः: » Prapathak » 8; Ardh Prapathak » 1;
(Rananiya) उत्तरार्चिकः: » Adhyay » 17; Khand » 4;

Samveda Bhashyam (Tulsiram Swami)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Tulsiram Swami) - हिन्दी
Meaning
(सुमन्मा) सुन्दर ज्ञानवती (वस्वी) धनवती (रन्ती) रमणीय (सूनरी) सूनृता सच्ची वाणी प्रवृत्त हुई यह अध्याहार शेष है।
Footnote
यह एकपदा गायत्री छन्द है॥