Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 598

1875 Mantra
Devata- इन्द्रः Rishi- मधुच्छन्दा वैश्वामित्रः Chhand- गायत्री Swara- षड्जः Kaand Name- आरण्यं काण्डम् Gaan- आरण्य गान
Mantra with Swara
इ꣢न्द्र꣣ वा꣡जे꣢षु नोऽव स꣣ह꣡स्र꣢प्रधनेषु च । उ꣣ग्र꣢ उ꣣ग्रा꣡भि꣢रू꣣ति꣡भिः꣢ ॥५९८॥

इ꣡न्द्र꣢꣯ । वा꣡जे꣢꣯षु । नः꣣ । अव । सह꣡स्र꣢प्रधनेषु । स꣣ह꣡स्र꣢ । प्र꣣धनेषु । च । उग्रः꣢ । उ꣣ग्रा꣡भिः꣢ । ऊ꣣ति꣡भिः꣢ ॥५९८॥

Mantra without Swara
इन्द्र वाजेषु नोऽव सहस्रप्रधनेषु च । उग्र उग्राभिरूतिभिः ॥

इन्द्र । वाजेषु । नः । अव । सहस्रप्रधनेषु । सहस्र । प्रधनेषु । च । उग्रः । उग्राभिः । ऊतिभिः ॥५९८॥

Samveda - Mantra Number : 598
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 6; Ardh Prapathak » 3; Dashati » 2;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 6; Khand » 2;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
इन्द्रियों का अधिष्ठाता जीव जब इन्द्रियों को वश करने का प्रयत्न करने लगता है तो उसे यह अनुभव होता है कि यह मन तो अत्यन्त चञ्चल है। इसे वश में करना सम्भव नहीं है। इसलिए हे (इन्द्र) = परमैश्वर्यशाली, सब शत्रुओं का द्रावण करनेवाले प्रभो! (वाजेषु) = वासनाओं के साथ होनेवाले संग्रामों में [When we wage war against them] (नः) = हमारी (अव) = रक्षा कीजिए। इन्द्रियाँ और मन विषयों के प्रति रागवाले होकर उनकी ओर भागते हैं और मैं उन्हें रोकता हूँ। आप मेरी रक्षा करेंगे तभी मैं इन्हें रोक पाऊँगा। (च) = और (सहस्रप्रधनेषु) = सैकड़ों प्रकार से मेरा विदारण करनेवाले इन संग्रामों में (उग्र) = तेजस्वी प्रभो! (उग्राभिः) = उत्कृष्ट (ऊतिभिः) = रक्षणों से आप हमें (अव) = सुरक्षित कीजिए | विषय प्रबल हैं, = परन्तु आपके सम्पर्क में आकर मैं प्रबल हो जाता हूँ। 'काम' प्रद्युम्न = उत्कृष्ट बलवाला है। यह प्रिय लगता है, परन्तु आप प्रियतम हैं। आपके साथ होने पर सब वैषयिक आनन्द तुच्छ हो जाता है और मैं उसका शिकार नहीं होता।

विषयों की प्राप्ति के लिए की जानेवाली सब कुटिलताओं से ऊपर उठकर मैं 'मधुच्छन्दा वैश्वामित्र' हो जाता हूँ। वस्तुतः काम व्यापक होकर विश्वप्रेम का रूप धारण कर लेता है । वही आदर्श जीवन होता है।
Essence
प्रभुकृपा से मैं अध्यात्म संग्रामों में विजयी बनूँ।
Subject
उदात्त रक्षण