Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 520

1875 Mantra
Devata- पवमानः सोमः Rishi- सप्तर्षयः Chhand- बृहती Swara- मध्यमः Kaand Name- पावमानं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- पावमानं पर्व
Mantra with Swara
इ꣡न्द्रा꣢य पवते꣣ म꣢दः꣣ सो꣡मो꣢ म꣣रु꣡त्व꣢ते सु꣣तः꣢ । स꣣ह꣡स्र꣢धारो꣣ अ꣡त्यव्य꣢꣯मर्षति꣣ त꣡मी꣢ मृजन्त्या꣣य꣡वः꣢ ॥५२०॥

इ꣡न्द्रा꣢꣯य । प꣣वते । म꣡दः꣢꣯ । सो꣡मः꣢꣯ । म꣣रु꣡त्व꣢ते । सु꣣तः꣢ । स꣣ह꣡स्र꣢धारः । स꣣ह꣡स्र꣢ । धा꣣रः । अ꣡ति꣢꣯ । अ꣡व्य꣢꣯म् । अ꣣र्षति । त꣢म् । ई꣣ । मृजन्ति । आय꣡वः꣢ ॥५२०॥

Mantra without Swara
इन्द्राय पवते मदः सोमो मरुत्वते सुतः । सहस्रधारो अत्यव्यमर्षति तमी मृजन्त्यायवः ॥

इन्द्राय । पवते । मदः । सोमः । मरुत्वते । सुतः । सहस्रधारः । सहस्र । धारः । अति । अव्यम् । अर्षति । तम् । ई । मृजन्ति । आयवः ॥५२०॥

Samveda - Mantra Number : 520
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 6; Ardh Prapathak » 1; Dashati » 3;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 5; Khand » 5;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
(सोमः) = सोम इन्द्राय जितेन्द्रिय के लिए (मदः) = उल्लासजनक होकर (पवते) = शरीर में प्रवाहित होता है। सोम के संयम के लिए इन्द्रियों को वश में करना आवश्यक है। रसना का संयम किए बिना क्या कभी ब्रह्मचर्य सम्भव है? 'इन्द्र' प्रातः मध्यान्ह व सायं तीनों सवनों में सोम का पान करता है अर्थात् बाल्य, यौवन व वार्धक्य में सोम को सुरक्षित रखता है, इसलिए उसका जीवन मद= उल्लास लिए हुए है। यह सोम (मरुत्वते) = प्राणवाले के लिए (सुतः) = उत्पन्न किया गया है। प्राणसाधना करनेवाले पुरुष ही इस सोम की ऊर्ध्वगति कर पाता है।

धारण किया हुआ यह सोम (सहस्त्रधार:) = हज़ारों प्रकार से धारण करनेवाला होता है। जीवात्मा की यह सभी शक्तियों को विकसित करनेवाला होता है। यह सोम (अव्यम्) = रक्षा करनेवाले पुरुष को (अति अर्षति) = अतिशयेन प्राप्त होता है। प्रतिदिन कण-कण संग्रह करके भी संचित होकर यह राशिभूत हो जाता है । (ईम) = निश्चय से (तम्) = उस सोम को (आयवः) = गतिशील पुरुष (मृजन्ति) = शुद्ध करते हैं। गतिशीलता से वासना को स्थान नहीं मिलता और वासना के अभाव में यह सोम शुद्ध बना रहता है। शुद्धता के लिए क्रियाशीलता आवश्यक है।
Essence
मैं सहस्रधार सोम का शोधन करूँ। इसके लिए क्रियाशील बना रहूँ।
Subject
सहस्त्रधार सोम का शोधन