Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 491

1875 Mantra
Devata- पवमानः सोमः Rishi- मेध्यातिथिः काण्वः Chhand- गायत्री Swara- षड्जः Kaand Name- पावमानं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- पावमानं पर्व
Mantra with Swara
प्र꣢꣫ यद्गावो꣣ न꣡ भूर्ण꣢꣯यस्त्वे꣣षा꣢ अ꣣या꣢सो꣣ अ꣡क्र꣢मुः । घ्न꣡न्तः꣢ कृ꣣ष्णा꣢꣫मप꣣ त्व꣡च꣢म् ॥४९१॥

प्र꣢ । यत् । गा꣡वः꣢꣯ । न । भू꣡र्ण꣢꣯यः । त्वे꣣षाः꣢ । अ꣣या꣡सः꣢ । अ꣡क्र꣢꣯मुः । घ्न꣡न्तः꣢꣯ । कृ꣣ष्ण꣢म् । अ꣡प꣢꣯ । त्व꣡च꣢꣯म् । ॥४९१॥

Mantra without Swara
प्र यद्गावो न भूर्णयस्त्वेषा अयासो अक्रमुः । घ्नन्तः कृष्णामप त्वचम् ॥

प्र । यत् । गावः । न । भूर्णयः । त्वेषाः । अयासः । अक्रमुः । घ्नन्तः । कृष्णम् । अप । त्वचम् । ॥४९१॥

Samveda - Mantra Number : 491
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 6; Ardh Prapathak » 1; Dashati » 1;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 5; Khand » 3;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
(यद्) = जब (गावो न) = गौवों के समान या वेदवाणियों के समान (भूर्णयः) = भरण करनेवाले ये सोम (प्र अक्रमुः) = गति करते हैं तो (कृष्णां त्वचम्) = काले आवरण- परदे को (अपघ्नन्तः) = नष्ट करते हुए गति करते हैं। सोम हमारे जीवन का भरण करनेवाले हैं, उसी प्रकार जैसे गौवों का दूध हमारे शरीर को नीरोग, मन को सात्त्विक तथा मस्तिष्क को उज्ज्वल बनाता है। वेदवाणियाँ भी हमारे जीवन के पोषण में पर्याप्त स्थान रखती हैं। (त्वेषा:) = ये दीप्तिवाले हैं—इनके कारण हमारा जीवन - मार्ग प्रकाशमय बना रहता है। (अयासः) = ये निरन्तर गतिवाले हैं। शरीर में सोम के सुरक्षित होने पर थकता नहीं है। अनथकरूप से निरन्तर आगे बढ़ता हुआ यह मार्ग में आनेवाली रुकावटों को दूर करता जाता है। ये रुकाबटें ही ज्ञान के आवरण हैं। काम, क्रोध, लोभादि आवरण काली त्वचा के रूप में हैं- सोम इनका नाश कर देता है। विघ्नों के दूर हो जाने पर, यात्रा को पूर्ण करके यह उस मेध्य पवित्र प्रभु का 'अतिथि' बनता है, अत: इसका नाम मेध्यातिथि हो जाता है। यह ऐसा एक-एक कदम चलते-चलते कण-कण करके बन पाया है, अतः इसका नाम 'काण्व' है। ,
Essence
हम सोम का धारण करें। ये हमारा धारण करेंगे। हमारे मार्ग को प्रकाशमय बनाएँगे। हम अनथकरूप से आगे बढ़ेंगे। सब विघ्न-बाधाओं को पार कर जाएँगे।
Subject
काले आवरण को हटाते हुए