Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 452

1875 Mantra
Devata- विश्वेदेवाः Rishi- भुवन आप्त्यः साधनो वा भौवनः Chhand- द्विपदा पङ्क्तिः Swara- पञ्चमः Kaand Name- ऐन्द्रं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- ऐन्द्रं पर्व
Mantra with Swara
इ꣣मा꣢꣫ नु कं꣣ भु꣡व꣢ना सीषधे꣣मे꣡न्द्र꣢श्च꣣ वि꣡श्वे꣢ च दे꣣वाः꣢ ॥४५२॥

इ꣣मा꣢ । नु । क꣣म् । भु꣡व꣢꣯ना । सी꣣षधेम । इ꣡न्द्रः꣢꣯ । च꣣ । वि꣡श्वे꣢꣯ । च꣣ । देवाः꣢ ॥४५२॥

Mantra without Swara
इमा नु कं भुवना सीषधेमेन्द्रश्च विश्वे च देवाः ॥

इमा । नु । कम् । भुवना । सीषधेम । इन्द्रः । च । विश्वे । च । देवाः ॥४५२॥

Samveda - Mantra Number : 452
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 5; Ardh Prapathak » 2; Dashati » 2;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 4; Khand » 11;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
इस मन्त्र का ऋषि 'भौवन:- साधन: ' है - जो भुवनों के ठीक स्वरूप को समझता है कि वे मेरे साधन हैं—साध्य नहीं । वस्तुतः यह अनुभव करता है कि जब तक हम इन भुवनों-सब लौकिक वस्तुओं को–साधन के रूप में ही देखते हैं तब तक हममें इनके प्रति आसक्ति उत्पन्न नहीं होती, परिणामतः ये हमारे दुःखों का कारण नहीं बनते । पर ज्यों ही ये हमारे साध्य बन जाते हैं तो हम इनमें आसक्त हो जाते हैं, परिणामतः हमारे व्यवहार विकृत होते हैं और हम दु:खी हो जाते हैं। भुवनों को साधन समझनेवाला इन भुवनों में ही आसक्त रहता है। ये उसे सुखी नहीं बनाते।

इस तत्त्व को अनुभव करनेवाला 'भौवन-साधन' कहता है कि (इमा भुवना) = इन भुवनों को हम (नु) = अब (कम्) = सुख प्राप्ति के लिए (सीषधेम) = साधन बनाएँ। ये हमारे साध्य न बन जाएँ। साध्य तो (इन्द्रः च) = वह परमात्मा है और (विश्वे च देवा:) = वे सब दिव्य गुण हैं। जितना-जितना दिव्यगुणों को मैं अपनाता जाता हूँ उतना उतना प्रभु के अंश को मैं अपनाता जाता हूँ। दिव्यता के पूर्ण होते ही प्रभु को पा जाता हूँ। दिव्य गुण वे सीढ़ियाँ हैं जिन्हें लाँघता हुआ मैं प्रभुरूप छत पर पहुँच जाता हूँ। शरीर, इन्द्रियाँ, मन व बुद्धि इन साधनों को ठीक प्रयोग करते हुए हम सब दिव्यगुण व प्रभुरूप साध्य को सिद्ध करनेवाले बनें। 
Essence
ये सब भुवन साधन हैं, इन्द्र और दिव्यगुण साध्य हैं।
Subject
साध्य तथा साधन [ Ends and Means ]