Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 44

1875 Mantra
Devata- अग्निः Rishi- सौभरि: काण्व: Chhand- बृहती Swara- मध्यमः Kaand Name- आग्नेयं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- आग्नेयं पर्व
Mantra with Swara
यो꣢꣫ विश्वा꣣ द꣡य꣢ते꣣ व꣢सु꣣ हो꣡ता꣢ म꣣न्द्रो꣡ जना꣢꣯नाम् । म꣢धो꣣र्न꣡ पात्रा꣢꣯ प्रथ꣣मा꣡न्य꣢स्मै꣣ प्र꣡ स्तोमा꣢꣯ यन्त्व꣣ग्न꣡ये꣢ ॥४४॥

यः꣢ । वि꣡श्वा꣢꣯ । द꣡य꣢꣯ते । व꣡सु꣢꣯ । हो꣡ता꣢꣯ । म꣣न्द्रः꣢ । ज꣡ना꣢꣯नाम् । म꣡धोः꣢꣯ । न । पा꣡त्रा꣢꣯ । प्र꣣थमा꣢नि꣢ । अ꣣स्मै । प्र꣢ । स्तो꣡माः꣢꣯ । य꣣न्तु । अग्न꣡ये꣢ ॥४४॥

Mantra without Swara
यो विश्वा दयते वसु होता मन्द्रो जनानाम् । मधोर्न पात्रा प्रथमान्यस्मै प्र स्तोमा यन्त्वग्नये ॥

यः । विश्वा । दयते । वसु । होता । मन्द्रः । जनानाम् । मधोः । न । पात्रा । प्रथमानि । अस्मै । प्र । स्तोमाः । यन्तु । अग्नये ॥४४॥

Samveda - Mantra Number : 44
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 1; Ardh Prapathak » 1; Dashati » 4;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 1; Khand » 4;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
(यः) = जो (होता) = दाता (विश्वा वसु) = निवास के साधनभूत सब पदार्थों को (दयते) = देता है और इस प्रकार सब आवश्यकताओं को पूर्ण करता हुआ (जनानाम्) = मनुष्यों का (मन्द्रः)=आह्लाद करनेवाला है, उस (अग्नये) = अग्नि के लिए (प्रथमा) = सबसे पहले अतिथि को दिये जानेवाले (मधोः पात्रा न) = जल के पात्रों की भाँति (स्तोमा:) = स्तुतिसमूह (प्रयन्तु) = प्रकर्षेण [ खूब] प्राप्त होते हैं।

प्रभु पुरुषार्थ करनेवालों की सब आवश्यकताओं को पूर्ण करते हैं। मनुष्य [मत्वा कर्माणि सीव्यति] विचारपूर्वक कर्म करता चले- आवश्यकता पूर्ण करना, योगक्षेम प्राप्त कराना प्रभु का काम है।

जीव का कर्त्तव्य है कि शक्ति प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन प्रभु - चिन्तन से अपने जीवन का प्रारम्भ करे। उसकी स्तुतियाँ प्रभु को सर्वप्रथम उसी प्रकार प्राप्त हों जैसे अतिथि को सर्वप्रथम जल - पात्र प्राप्त होता है। ऐसा करने से हमारे अन्दर उस शक्ति के स्रोत से शक्ति का प्रवाह चलेगा और हम अपने को उस शक्ति से खूब भरनेवाले ‘सोभरि' होंगे।
Essence
हमारा प्रतिदिन का प्रथम कर्त्तव्य प्रभु-गुण- स्मरण होना चाहिए।
Subject
प्रधान कर्त्तव्य 'ईश-स्तुति '