Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 1767

1875 Mantra
Devata- पवमानः सोमः Rishi- नृमेध आङ्गिरसः Chhand- गायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
सु꣣ष꣡हा꣢ सोम꣣ ता꣡नि꣢ ते पुना꣣ना꣡य꣢ प्रभूवसो । व꣡र्धा꣢ समु꣣द्र꣡मु꣢क्थ्य ॥१७६७॥

सु꣣ष꣡हा꣢ । सु꣣ । स꣡हा꣢꣯ । सो꣣म । ता꣡नि꣢꣯ । ते꣣ । पुनाना꣡य꣢ । प्र꣣भूवसो । प्रभु । वसो । व꣡र्ध꣢꣯ । स꣣मु꣢द्रम् । स꣣म् । उ꣢द्रम् । उ꣣क्थ्य ॥१७६७॥

Mantra without Swara
सुषहा सोम तानि ते पुनानाय प्रभूवसो । वर्धा समुद्रमुक्थ्य ॥

सुषहा । सु । सहा । सोम । तानि । ते । पुनानाय । प्रभूवसो । प्रभु । वसो । वर्ध । समुद्रम् । सम् । उद्रम् । उक्थ्य ॥१७६७॥

Samveda - Mantra Number : 1767
(Kauthum) उत्तरार्चिकः: » Prapathak » 9; Ardh Prapathak » 1;
(Rananiya) उत्तरार्चिकः: » Adhyay » 20; Khand » 1;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
प्रस्तुत मन्त्र में सोम को 'प्रभूवसो' कहा है कि यह ‘प्रभावजनक वसु' वाला है— सब रोगों को आधि-व्याधियों को समाप्त करके यह मनुष्य का शरीर में उत्तम वास करनेवाला है। यह ‘उक्थ्य' है—मनुष्य को प्रभु स्तवन में उत्तम बनाता है। इस सोम से कहते हैं कि (पुनानाय ते) = पवित्र करनेवाले तेरे लिए (तानि) = वे सब मानव जीवन की प्रगति में आनेवाले (विघ्न सुषहा) = सुगमता से सहने योग्य हैं। चाहे शरीर के रोग हैं— चाहे मानस रोग हैं— सोम उन सभी को समाप्त कर देता है और हमें जीवन-पथ पर आगे बढ़ने के योग्य बनाता है ।

यह सोम हमारे जीवन में (समुद्रम्) = सदा आनन्द से पूर्ण प्रभु को (वर्द्धा) = बढ़ाता है, अर्थात् सब प्रकार से नीरोग होकर यह मनुष्य भी (प्रसन्न) =cheerful मनोवृत्ति का बनता है और इस प्रकार उस समुद्र – आनन्द के सागर प्रभु के आनन्दकणों की अपने अन्दर अभिवृद्धि कर रहा होता है। जीवन में आनन्द की वृद्धि का कार्यक्रम स्पष्ट है कि मनुष्य १. सोमरक्षा के द्वारा, २. रोग बीजों को नष्ट कर स्वस्थ बनें, ३. मानस पवित्रता का सम्पादन करके अपने निवास को उत्तम बनाये, ४. प्रभु के स्तवन की वृत्तिवीला हो और ५. अपने जीवन में आनन्द की अभिवृद्धि करे ।
Essence
सोम मेरे आनन्द को उसी प्रकार बढ़ानेवाला हो जैसे सोम [चन्द्र] से समुद्र में ज्वार आ जाता है ।
Subject
आनन्द की वृद्धि [आनन्द-समुद्र में ज्वारभाटा ]