Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

Samveda Mantra 1146

1875 Mantra
Devata- इन्द्रः Rishi- मधुच्छन्दा वैश्वामित्रः Chhand- गायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
इ꣡न्द्रा या꣢꣯हि चित्रभानो सु꣣ता꣢ इ꣣मे꣢ त्वा꣣य꣡वः꣢ । अ꣡ण्वी꣢भि꣣स्त꣡ना꣢ पू꣣ता꣡सः꣢ ॥११४६॥

इ꣡न्द्र꣢꣯ । आ । या꣣हि । चित्रभानो । चित्र । भानो । सुताः꣢ । इ꣣मे꣢ । त्वा꣣य꣡वः꣢ । अ꣡ण्वी꣢꣯भिः । त꣡ना꣢꣯ । पू꣣ता꣡सः꣢ ॥११४६॥

Mantra without Swara
इन्द्रा याहि चित्रभानो सुता इमे त्वायवः । अण्वीभिस्तना पूतासः ॥

इन्द्र । आ । याहि । चित्रभानो । चित्र । भानो । सुताः । इमे । त्वायवः । अण्वीभिः । तना । पूतासः ॥११४६॥

Samveda - Mantra Number : 1146
(Kauthum) उत्तरार्चिकः: » Prapathak » 4; Ardh Prapathak » 2;
(Rananiya) उत्तरार्चिकः: » Adhyay » 8; Khand » 3;

Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar)

हिन्दी
Samveda Bhashyam (Pandit Harisharan Siddhantalankar) - हिन्दी
Meaning
हे (चित्रभानो) = अद्भुत दीप्तिवाले – आश्चर्यकारक विज्ञानवाले, (इन्द्र) = परमैश्वर्यशाली प्रभो! (आयाहि) = आप हमें प्राप्त होओ । १. जीवात्मा की सर्वोत्तम कामना यही है कि 'वह प्रभु को प्राप्त करे।’‘‘मधुच्छन्दाः’=अत्यन्त मधुर इच्छाओंवाला, वैश्वामित्र:=सभी के साथ स्नेह करनेवाला प्रस्तुत मन्त्र का ऋषि यही कामना करता है कि मैं प्रभु को प्राप्त करूँ । प्रभु में अद्भुत ज्ञान है, वे परमैश्वर्य के निधान हैं। मधुच्छन्दा यही अनुभव करता है कि प्रभु-प्राप्ति में ही ज्ञान और ऐश्वर्य का लाभ है। 
मधुच्छन्दा उस प्रभु की प्राप्ति के लिए कहता है कि (सुताः) = उत्पन्न हुए-हुए (इमे) = ये सोम २. (त्वायवः) = आपको प्राप्त करानेवाले हैं। इन सोमकणों की रक्षा प्रभु का दर्शन कराते हैं । ये सोम ३. (अण्वीभिः) = सूक्ष्म शक्तियों से तना- धनवाले हैं । [तना इति धननाम- नि० २.१०.१५]। इनकी रक्षा से जहाँ शरीर का स्वास्थ्य प्राप्त होता है, वहाँ मन व बुद्धि की शक्तियों का भी विकास होता है। ४. (पूतासः) = ये अत्यन्त पवित्रतावाले हैं। सोमरक्षा से जीवन अधिकाधिक पवित्र होता चलता है और पवित्र बनकर हम प्रभु को प्राप्त करते हैं ।
Essence
सर्वोत्तम कामना यही है कि हम ‘प्रभु को प्राप्त करें ।' उसकी प्राप्ति के लिए शरीर में सोम का निर्माण हुआ है। ये सोमकण हमारी सूक्ष्म शक्तियों का विकास करनेवाले तथा पवित्रता पैदा करनेवाले हैं ।
Subject
सूक्ष्म शक्तियों का विकास