Samveda Bhashya (Swami Brahmmuni Parivrajak)

Samveda Mantra 409

1875 Mantra
Devata- इन्द्रः Rishi- गोतमो राहूगणः Chhand- पङ्क्तिः Swara- पञ्चमः Kaand Name- ऐन्द्रं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- ऐन्द्रं पर्व
Mantra with Swara
स्वा꣣दो꣢रि꣣त्था꣡ वि꣢षू꣣व꣢तो꣣ म꣡धोः꣢ पिबन्ति गौ꣣꣬र्यः꣢꣯ । या꣡ इन्द्रे꣢꣯ण स꣣या꣡व꣢री꣣र्वृ꣢ष्णा꣣ म꣡द꣢न्ति शो꣣भ꣢था꣣ व꣢स्वी꣣र꣡नु꣢ स्व꣣रा꣡ज्य꣢म् ॥४०९॥

स्वा꣣दोः꣢ । इ꣣त्था꣢ । वि꣣षुव꣡तः꣢ । वि꣣ । सुव꣡तः꣢ । म꣡धोः꣢꣯ । पि꣣बन्ति । गौ꣡र्यः꣢꣯ । याः । इ꣡न्द्रे꣢꣯ण । स꣣या꣡व꣢रीः । स꣣ । या꣡व꣢꣯रीः । वृ꣡ष्णा꣢꣯ । म꣡द꣢꣯न्ति । शो꣣भ꣡था꣢ । व꣡स्वीः꣢꣯ । अ꣡नु꣢꣯ । स्व꣣रा꣡ज्य꣢म् । स्व꣣ । रा꣡ज्य꣢꣯म् ॥४०९॥

Mantra without Swara
स्वादोरित्था विषूवतो मधोः पिबन्ति गौर्यः । या इन्द्रेण सयावरीर्वृष्णा मदन्ति शोभथा वस्वीरनु स्वराज्यम् ॥

स्वादोः । इत्था । विषुवतः । वि । सुवतः । मधोः । पिबन्ति । गौर्यः । याः । इन्द्रेण । सयावरीः । स । यावरीः । वृष्णा । मदन्ति । शोभथा । वस्वीः । अनु । स्वराज्यम् । स्व । राज्यम् ॥४०९॥

Samveda - Mantra Number : 409
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 5; Ardh Prapathak » 1; Dashati » 3;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 4; Khand » 7;

Samveda Bhashya (Swami Brahmmuni Parivrajak)

हिन्दी
Samveda Bhashya (Swami Brahmmuni Parivrajak) - हिन्दी
Meaning
(इत्था) यह सत्य है “इत्था सत्यनाम” [निघं॰ ३.१०] (गौर्यः) हमारी वाणियाँ (स्वादोः) स्वाद वाले—(विषूवतः) विशेष सवन निष्पादन वाले—(मधोः) मधुर ओ३म् नाम का (पिबन्ति) जब पान करती हैं मानो (वृष्णा-इद्रेण) सुखवर्षक परमात्मा के साथ (याः सयावरीः) जो समानगति वाली हो (मन्दन्ति) हर्ष को प्राप्त होती हैं (स्वराज्यम्-अनु) स्वराज्य—आत्मा के स्वराज्य के अनुरूप (वस्वीः) वसने वाली हुई (शोभथाः) शोभा को प्राप्त होती हैं।
Essence
यह सत्य है वाणियाँ जब निरन्तर स्वाद वाले विशेष निष्पन्न किए मधुर ओ३म जप का पान करती हैं तो उस सुखवर्षक परमात्मा के साथ समानगति वाली हो हर्षित होती हैं और तब आत्मा के स्वराज्य के अनुसार वसने वाली शोभा युक्त होती हैं॥१॥
Special
ऋषिः—गोतमः (परमात्मा में अत्यन्त गतिमान्)॥ छन्दः—पंक्तिः॥