SamVeda Adhyatmik Bhashya (Pdt. Vishvanatha Vidya Martand)

Samveda Mantra 375

1871 Mantra
Devata- इन्द्रः Rishi- कृष्ण आङ्गिरसः Chhand- जगती Swara- निषादः Kaand Name- ऐन्द्रं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- ऐन्द्रं पर्व
Mantra with Swara
अ꣡च्छा꣢ व꣣ इ꣡न्द्रं꣢ म꣣त꣡यः꣢ स्व꣣र्यु꣡वः꣢ स꣣ध्री꣢ची꣣र्वि꣡श्वा꣢ उश꣣ती꣡र꣢नूषत । प꣡रि꣢ ष्वजन्त꣣ ज꣡न꣢यो꣣ य꣢था꣣ प꣢तिं꣣ म꣢र्यं꣣ न꣢ शु꣣न्ध्युं꣢ म꣣घ꣡वा꣢नमू꣣त꣡ये꣢ ॥३७५॥

अ꣡च्छ꣢꣯ । वः꣣ । इ꣡न्द्र꣢꣯म् । म꣣त꣡यः꣢ । स्व꣣र्यु꣡वः꣢ । स꣣ध्री꣡चीः꣢ । स꣣ । ध्री꣡चीः꣢꣯ । वि꣡श्वाः꣢꣯ । उ꣣शतीः꣢ । अ꣣नूषत । प꣡रि꣢꣯ । स्व꣣जन्त । ज꣡न꣢꣯यः । य꣡था꣢꣯ । प꣡ति꣢꣯म् । म꣡र्य꣢꣯म् । न । शु꣣न्ध्यु꣢म् । म꣣घ꣡वा꣢नम् । ऊ꣣त꣡ये꣢ ॥३७५॥

Mantra without Swara
अच्छा व इन्द्रं मतयः स्वर्युवः सध्रीचीर्विश्वा उशतीरनूषत । परि ष्वजन्त जनयो यथा पतिं मर्यं न शुन्ध्युं मघवानमूतये ॥

अच्छ । वः । इन्द्रम् । मतयः । स्वर्युवः । सध्रीचीः । स । ध्रीचीः । विश्वाः । उशतीः । अनूषत । परि । स्वजन्त । जनयः । यथा । पतिम् । मर्यम् । न । शुन्ध्युम् । मघवानम् । ऊतये ॥३७५॥

Samveda - Mantra Number : 375
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 4; Ardh Prapathak » 2; Dashati » 4;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 4; Khand » 3;

SamVeda Adhyatmik Bhashya (Pdt. Vishvanatha Vidya Martand)

हिन्दी
SamVeda Adhyatmik Bhashya (Pdt. Vishvanatha Vidya Martand) - हिन्दी
Meaning
हे उपासको (वः विश्वाः मतय) तुम सबकी मतियां, जो कि (स्वर्युवः) स्वर्गीय-जीवन चाहती हैं, (सध्रीचीः) जिनका एकमात्र लक्ष्य परमेश्वर है, (उशतीः) जो परमेश्वर प्राप्ति की कामना वाली हैं, — वे तुम्हारी मतियां, (ऊतये) रक्षा के लिये, (अच्छ) प्रत्यक्ष रूप में, (इन्द्रम्) परमेश्वर की ही (अनूषत) स्तुतियाँ किया करें, (न) जैसे कि गरीब प्रजाजन, (ऊतये) अपनी रक्षा के लिये, (मधवानं मर्त्यम्) धनवान् मनुष्य की स्तुति-प्रशंसा करते हैं । तथा (यथा) जैसे (जनयः) पत्नियाँ अपने (शुन्ध्युम्) शुद्धाचारी (पतिम्) पति का (परिष्वजन्त) आलिंगन करती हैं, वैसे तुम परमेश्वर का ही आलिंगन किया करो ।
Footnote
[ अभिप्राय यह है कि पति-पत्नी में जैसे पारस्परिक प्रेम और निकटता होती है, तथा धनवान् से धन-प्राप्ति के लिये, प्रार्थी में, धनवान् के प्रति जितनी नम्रता होती हैं, वैसा प्रेम और वैसी निकटता तथा नम्र भाव उपासक में परमेश्वर के प्रति होना चाहिये । ]