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Samveda Mantra 639

1875 Mantra
Devata- सूर्यः Rishi- प्रस्कण्वः काण्वः Chhand- गायत्री Swara- षड्जः Kaand Name- आरण्यं काण्डम् Gaan- आरण्य गान
Mantra with Swara
अ꣡यु꣢क्त स꣣प्त꣢ शु꣣न्ध्यु꣢वः꣣ सू꣢रो꣣ र꣡थ꣢स्य न꣣꣬प्त्र्यः꣢꣯ । ता꣡भि꣢र्याति꣣ स्व꣡यु꣢क्तिभिः ॥६३९॥

अ꣡यु꣢꣯क्त । स꣣प्त꣢ । शु꣣न्ध्यु꣡वः꣢ । सू꣡रः꣢꣯ । र꣡थ꣢꣯स्य । न꣣प्त्यः꣢꣯ । ता꣡भिः꣢꣯ । या꣣ति । स्व꣡यु꣢꣯क्तिभिः । स्व । यु꣣क्तिभिः ॥६३९॥

Mantra without Swara
अयुक्त सप्त शुन्ध्युवः सूरो रथस्य नप्त्र्यः । ताभिर्याति स्वयुक्तिभिः ॥

अयुक्त । सप्त । शुन्ध्युवः । सूरः । रथस्य । नप्त्यः । ताभिः । याति । स्वयुक्तिभिः । स्व । युक्तिभिः ॥६३९॥

Samveda - Mantra Number : 639
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 6; Ardh Prapathak » 3; Dashati » 5;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 6; Khand » 5;

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Meaning
प्रथम—सूर्य के पक्ष में। (सूरः) सूर्यः (रथस्य)सौरमण्डलरूप रथ को (नप्त्र्यः) न गिरने देनेवाली (सप्त) सात (शुन्ध्युवः) शोधक किरणों को (अयुक्त) पृथिवी आदि ग्रह-उपग्रहों के साथ युक्त करता है। (स्वयुक्तिभिः) स्वयं युक्त की गयी (ताभिः) उन किरणों से, वह (याति) भूमण्डल आदि के उपकार के लिए चेष्टा करता है ॥ द्वितीय—जीवात्मा के पक्ष में। (सूरः) प्रेरक जीवात्मा (रथस्य) शरीर-रूप रथ को (नप्त्र्यः) न गिरने देनेवाली (शुन्ध्युवः) ज्ञान-शोधक ज्ञानेन्द्रिय, मन और बुद्धि (सप्त) इन सात को (अयुक्त) शरीर-रथ में जोड़ता है और (स्वयुक्तिभिः) स्वयं जोड़ी हुई (ताभिः) उनके द्वारा (याति) जीवन-यात्रा को करता है ॥ तृतीय—परमात्मा के पक्ष में। (सूरः) सूर्य, चन्द्र आदि लोकों को चलानेवाले परमात्मा ने (रथस्य) ब्रह्माण्डरूप रथ को (नप्त्र्यः) न गिरने देनेवाली (सप्त) सात (शुन्ध्युवः) शुद्ध भूमियों को अर्थात् भूः, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः, सत्यम् इन क्रमशः ऊपर-ऊपर विद्यमान सात लोकों को (अयुक्त) कार्य में नियुक्त किया है (स्वयुक्तिभिः) स्वयं नियुक्त की हुई उन सात भूमियों अर्थात् लोकों से, वह (याति) ब्रह्माण्ड-सञ्चालन के व्यापार को कर रहा है ॥१३॥ इस मन्त्र में श्लेषालङ्कार है ॥१३॥
Essence
सूर्य सात रंग की किरणों से सौरमण्डल का, जीवात्मा मन, बुद्धि तथा ज्ञानेन्द्रियरूप सात तत्त्वों से शरीर का और परमेश्वर स्वरचित सात लोकों से ब्रह्माण्ड का सञ्चालन करता है ॥१३॥
Subject
अगले मन्त्र में सूर्य, जीवात्मा और परमात्मा का वर्णन है।

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