Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Samveda Mantra 567

1875 Mantra
Devata- पवमानः सोमः Rishi- चक्षुर्मानवः Chhand- उष्णिक् Swara- ऋषभः Kaand Name- पावमानं काण्डम् Gaan- प्रकृति गान Gaan Parva- पावमानं पर्व
Mantra with Swara
प्र꣡ ध꣢न्वा सोम꣣ जा꣡गृ꣢वि꣣रि꣡न्द्रा꣢येन्दो꣣ प꣡रि꣢ स्रव । द्यु꣣म꣢न्त꣣ꣳ शु꣢ष्म꣣मा꣡ भ꣢र स्व꣣र्वि꣡द꣢म् ॥५६७॥

प्र꣢ । ध꣣न्व । सोम । जा꣡गृ꣢꣯विः । इ꣡न्द्रा꣢꣯य । इ꣣न्दो । प꣡रि꣢꣯ । स्र꣣व । द्युम꣡न्त꣢म् । शु꣡ष्म꣢꣯म् । आ । भ꣣र । स्वर्वि꣡द꣢म् । स्वः꣣ । वि꣡द꣢꣯म् ॥५६७॥

Mantra without Swara
प्र धन्वा सोम जागृविरिन्द्रायेन्दो परि स्रव । द्युमन्तꣳ शुष्ममा भर स्वर्विदम् ॥

प्र । धन्व । सोम । जागृविः । इन्द्राय । इन्दो । परि । स्रव । द्युमन्तम् । शुष्मम् । आ । भर । स्वर्विदम् । स्वः । विदम् ॥५६७॥

Samveda - Mantra Number : 567
(Kauthum) पूर्वार्चिकः: » Prapathak » 6; Ardh Prapathak » 2; Dashati » 3;
(Rananiya) पूर्वार्चिकः: » Adhyay » 5; Khand » 10;

Bhashya

More bhashyas
Meaning
हे (सोम) रस के भण्डार परमात्मन् ! (जागृविः) जागरूक आप (प्र धन्व) सक्रिय होवो। हे (इन्दो) भक्तों को आनन्दरस से भिगोनेवाले ! आप (इन्द्राय) जीवात्मा के लिए (परिस्रव) परिस्रुत होवो। उसे (द्युमन्तम्) देदीप्यमान, (स्वर्विदम्) विवेकख्यातिरूप दिव्य प्रकाश को प्राप्त करानेवाला (शुष्मम्) बल (आ भर) प्रदान करो ॥२॥
Essence
मनोयोग से उपासना किया गया परमेश्वर उपासकों को ज्योति-प्रदायक अध्यात्मबल प्रदान करता है ॥२॥
Subject
अगले मन्त्र में सोम परमात्मा से प्रार्थना की गयी है।

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.