Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Samveda Mantra 1384

1875 Mantra
Devata- अग्निः Rishi- भरद्वाजो बार्हस्पत्यः Chhand- गायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
अ꣡च्छा꣢ नो या꣣ह्या꣡ व꣢हा꣣भि꣡ प्रया꣢꣯ꣳसि वी꣣त꣡ये꣢ । आ꣢ दे꣣वा꣡न्त्सोम꣢꣯पीतये ॥१३८४॥

अ꣡च्छ꣢꣯ । नः꣣ । याहि । आ꣢ । व꣣ह । अभि꣢ । प्र꣡या꣢꣯ꣳसि । वी꣣त꣡ये꣢ । आ । दे꣣वा꣢न् । सो꣡म꣢꣯पीतये । सो꣡म꣢꣯ । पी꣣तये ॥१३८४॥

Mantra without Swara
अच्छा नो याह्या वहाभि प्रयाꣳसि वीतये । आ देवान्त्सोमपीतये ॥

अच्छ । नः । याहि । आ । वह । अभि । प्रयाꣳसि । वीतये । आ । देवान् । सोमपीतये । सोम । पीतये ॥१३८४॥

Samveda - Mantra Number : 1384
(Kauthum) उत्तरार्चिकः: » Prapathak » 6; Ardh Prapathak » 2;
(Rananiya) उत्तरार्चिकः: » Adhyay » 12; Khand » 2;

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
हे अग्ने ! हे परमात्मन् ! आप (नः अच्छ) हमारी ओर (आयाहि) आओ, (वीतये) प्रगति के लिए (प्रयांसि) शान्तरसों को (अभि वह) प्राप्त कराओ, (देवान्) विद्वानों को (सोमपीतये) वीर रस के पान के लिए (आ) प्रेरित करो ॥२॥
Essence
संसार में सब लोग वीर होकर शान्ति का प्रसार करें ॥२॥
Subject
अगले मन्त्र में परमात्मा से प्रार्थना करते हैं।