Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Rigveda Mandal 7 / Sukta 35 / Mantra 3

104 Sukta
15 Mantra
7/35/3
Devata- विश्वेदेवा: Rishi- वसिष्ठः Chhanda- त्रिष्टुप् Swara- धैवतः
Mantra with Swara
शं नो॑ धा॒ता शमु॑ ध॒र्ता नो॑ अस्तु॒ शं न॑ उरू॒ची भ॑वतु स्व॒धाभिः॑। शं रोद॑सी बृह॒ती शं नो॒ अद्रिः॒ शं नो॑ दे॒वानां॑ सु॒हवा॑नि सन्तु ॥३॥

शम् । नः॒ । धा॒ता । शम् । ऊँ॒ इति॑ । ध॒र्ता । नः॒ । अ॒स्तु॒ । शम् । नः॒ । उ॒रू॒ची । भ॒व॒तु॒ । स्व॒धाभिः॑ । शम् । रोद॑सी॒ इति॑ । बृ॒ह॒ती । शम् । नः॒ । अद्रिः॑ । शम् । नः॒ । दे॒वाना॑म् । सु॒ऽहवा॑नि । स॒न्तु॒ ॥

Mantra without Swara
शं नो धाता शमु धर्ता नो अस्तु शं न उरूची भवतु स्वधाभिः। शं रोदसी बृहती शं नो अद्रिः शं नो देवानां सुहवानि सन्तु ॥

शम्। नः। धाता। शम्। ऊँ इति। धर्ता। नः। अस्तु। शम्। नः। उरूची। भवतु। स्वधाभिः। शम्। रोदसी इति। बृहती। शम्। नः। अद्रिः। शम्। नः। देवानाम्। सुऽहवानि। सन्तु ॥३॥

Ashtak » 5 Adhyay » 3 Varga » 28 Mantra » 3

Bhashya

More bhashyas
Meaning
हे जगदीश्वर वा विद्वान् ! आप की कृपा और सङ्ग से (नः) हम लोगों के लिये (धाता) धारण करनेवाला (शम्) सुखरूप (उ) और (धर्ता) पुष्टि करनेवाला (नः) हम लोगों के लिये (शम्) सुखरूप (अस्तु) हो (स्वधाभिः) अन्नादिकों के साथ (उरूची) जो बहुत पदार्थों को प्राप्त होती वह पृथिवी (नः) हम लोगों के लिये (शम्) सुख देनेवाली (भवतु) हो (बृहती) महान् (रोदसी) प्रकाश और अन्तरिक्ष (नः) हम लोगों के लिये (शम्) सुखरूप होवें (अद्रिः) मेघ (नः) हमारे लिये (शम्) सुखकारक हो (नः) हम लोगों के लिये (देवानाम्) विद्वानों के (सुहवानि) सुन्दर आवाहन प्रशंसा से बुलावे (शम्) सुखरूप (सन्तु) हों ॥३॥
Essence
जो मनुष्य पुष्टि करनेवालों से उपकार लेना जानते हैं, वे सब सुखों को पाते हैं ॥३॥
Subject
फिर मनुष्यों को सृष्टि से कैसा उपकार लेना चाहिये, इस विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.