Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Rigveda Mandal 7 / Sukta 35 / Mantra 14

104 Sukta
15 Mantra
7/35/14
Devata- विश्वेदेवा: Rishi- वसिष्ठः Chhanda- भुरिक्पङ्क्तिः Swara- पञ्चमः
Mantra with Swara
आ॒दि॒त्या रु॒द्रा वस॑वो जुषन्ते॒दं ब्रह्म॑ क्रि॒यमा॑णं॒ नवी॑यः। शृ॒ण्वन्तु॑ नो दि॒व्याः पार्थि॑वासो॒ गोजा॑ता उ॒त ये य॒ज्ञिया॑सः ॥१४॥

आ॒दि॒त्याः । रु॒द्राः । वस॑वः । जु॒ष॒न्त॒ । इ॒दम् । ब्रह्म॑ । क्रि॒यमा॑णम् । नवी॑यः । शृ॒ण्वन्तु॑ । नः॒ । दि॒व्याः । पार्थि॑वासः । गोऽजा॑ताः । उ॒त । ये । य॒ज्ञिया॑सः ॥

Mantra without Swara
आदित्या रुद्रा वसवो जुषन्तेदं ब्रह्म क्रियमाणं नवीयः। शृण्वन्तु नो दिव्याः पार्थिवासो गोजाता उत ये यज्ञियासः ॥

आदित्याः। रुद्राः। वसवः। जुषन्त। इदम्। ब्रह्म। क्रियमाणम्। नवीयः। शृण्वन्तु। नः। दिव्याः। पार्थिवासः। गोऽजाताः। उत। ये। यज्ञियासः ॥१४॥

Ashtak » 5 Adhyay » 3 Varga » 30 Mantra » 4

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
हे विद्वानो ! जो आप लोग (आदित्याः) अड़तालीस वर्ष प्रमाण से ब्रह्मचर्य सेवन से विद्या पढ़े हुए हों वा (रुद्राः) चवालीस वर्ष प्रमाण ब्रह्मचर्य से विद्या पढ़े हुए हों वा (वसवः) चालीस वर्ष परिमाण जिसका है ऐसे ब्रह्मचर्य्य से विद्या पढ़े हुए हैं वा (दिव्याः) शुद्ध मनोहर गुण आदि में प्रसिद्ध वा (पार्थिवासः) पृथिवी में विदित वा (गोजाताः) सुशिक्षित वाणी से उत्पन्न हुए (उत) और (ये) जो (यज्ञियासः) यज्ञ सम्पादन करनेवाले हैं वे (नः) हम लोगों के लिये (इदम्) इस प्रत्यक्ष (नवीयः) अत्यन्त नवीन (क्रियमाणम्) वर्त्तमान में सिद्ध होते हुए (ब्रह्म) बहुत धन वा अन्न को (जुषन्त) सेवें और हम लोगों का पढ़ा हुआ (शृण्वन्तु) सुनें ॥१४॥
Essence
मनुष्यों को चाहिये कि धार्मिक विद्वानों को बुलाय सत्कार कर अन्नादिकों से अच्छे प्रकार तृप्त कर अपना पढ़ा अच्छे प्रकार सुना, शेष इन से सुनें, जिससे भ्रमरहित सब हों ॥१४॥
Subject
फिर मनुष्य क्या अवश्य करें, इस विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥