Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Rigveda Mandal 7 / Sukta 34 / Mantra 9

104 Sukta
25 Mantra
7/34/9
Devata- विश्वेदेवा: Rishi- वसिष्ठः Chhanda- निचृत्त्रिपाद्गायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
अ॒भि वो॑ दे॒वीं धियं॑ दधिध्वं॒ प्र वो॑ देव॒त्रा वाचं॑ कृणुध्वम् ॥९॥

अ॒भि । वः॒ । दे॒वीम् । धिय॑म् । द॒धि॒ध्व॒म् । प्र । वः॒ । दे॒व॒ऽत्रा । वाच॑म् । कृ॒णु॒ध्व॒म् ॥

Mantra without Swara
अभि वो देवीं धियं दधिध्वं प्र वो देवत्रा वाचं कृणुध्वम् ॥

अभि। वः। देवीम्। धियम्। दधिध्वम्। प्र। वः। देवऽत्रा। वाचम्। कृणुध्वम् ॥९॥

Ashtak » 5 Adhyay » 3 Varga » 25 Mantra » 9

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
हे विद्वानो ! जैसे (देवत्रा) विद्वानों में वर्त्तमान (देवीम्) दिव्य (धियम्) बुद्धि को तुम (अभि, दधिध्वम्) सब ओर से धारण करो उस (वः) आपकी बुद्धि को हम लोग भी धारण करें, विद्वानों में जिस (वाचम्) वाणी को तुम (प्र, कृणुध्वम्) प्रसिद्ध करो उस (वः) आपकी वाणी को हम लोग भी (प्र) प्रसिद्ध करें ॥९॥
Essence
मनुष्यों को चाहिये कि विद्वानों का अनुकरण कर बुद्धि, विद्या और वाणी को धारण करें ॥९॥
Subject
सब मनुष्यों को क्या इच्छा करनी चाहिये, इस विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥