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Rigveda Mandal 7 / Sukta 34 / Mantra 1

104 Sukta
25 Mantra
7/34/1
Devata- विश्वेदेवा: Rishi- वसिष्ठः Chhanda- भुरिगार्चीगायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
प्र शु॒क्रैतु॑ दे॒वी म॑नी॒षा अ॒स्मत्सुत॑ष्टो॒ रथो॒ न वा॒जी ॥१॥

प्र । शु॒क्रा । ए॒तु॒ । दे॒वी । म॒नी॒षा । अ॒स्मत् । सुऽत॑ष्टः । रथः॑ । न । वा॒जी ॥

Mantra without Swara
प्र शुक्रैतु देवी मनीषा अस्मत्सुतष्टो रथो न वाजी ॥

प्र। शुक्रा। एतु। देवी। मनीषा। अस्मत्। सुऽतष्टः। रथः। न। वाजी ॥१॥

Ashtak » 5 Adhyay » 3 Varga » 25 Mantra » 1

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1 Bhashyas
Meaning
(शुक्रा) शुद्ध अन्तःकरणयुक्त शीघ्रकारिणी (देवी) विदुषी कन्या (अस्मत्) हमारे से (सुतष्टः) उत्तम कारू अर्थात् कारीगर के बनाये हुए (वाजी) वेगवान् (रथः) रथ के (न) समान (मनीषाः) उत्तम बुद्धियों को (प्र, एतु) प्राप्त होवे ॥१॥
Essence
इस मन्त्र में उपमालङ्कार है । सब कन्या विदुषियों से ब्रह्मचर्य्य नियम से सब विद्या पढ़ें ॥१॥
Subject
अब कन्याजन किनसे विद्या को पावें, इस विषय को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥