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Rigveda Mandal 6 / Sukta 60 / Mantra 7

75 Sukta
15 Mantra
6/60/7
Devata- इन्द्राग्नी Rishi- भरद्वाजो बार्हस्पत्यः Chhanda- विराड्गायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
इन्द्रा॑ग्नी यु॒वामि॒मे॒३॒॑भि स्तोमा॑ अनूषत। पिब॑तं शंभुवा सु॒तम् ॥७॥

इन्द्रा॑ग्नी॒ इति॑ । यु॒वाम् । इ॒मे । अ॒भि । स्तोमाः॑ । अ॒नू॒ष॒त॒ । पिब॑तम् । श॒म्ऽभु॒वा॒ । सु॒तम् ॥

Mantra without Swara
इन्द्राग्नी युवामिमे३भि स्तोमा अनूषत। पिबतं शंभुवा सुतम् ॥

इन्द्राग्नी इति। युवाम्। इमे। अभि। स्तोमाः। अनूषत। पिबतम्। शम्ऽभुवा। सुतम् ॥७॥

Ashtak » 4 Adhyay » 8 Varga » 28 Mantra » 2

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1 Bhashyas
Meaning
हे (शम्भुवा) सुख की भावना करानेवाले (इन्द्राग्नी) सूर्य्य और बिजुली के समान सभासेनाधीशो ! (युवाम्) आप दोनों जो (इमे) ये (स्तोमाः) प्रशंसाएँ (अभि, अनूषत) प्रशंसा करती हैं, उनसे (सुतम्) सब ओर से उत्पन्न किये हुए दूध आदि रस को (पिबतम्) पिओ ॥७॥
Essence
हे सभासेनाधीशो ! आप लोग पथ्य आचार से सदा ओषधियों के रस को पीके अरोगी होकर प्रशंसित कर्मों को करो ॥७॥
Subject
फिर वे दोनों कैसे हैं, इस विषय को कहते हैं ॥