Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Rigveda Mandal 4 / Sukta 52 / Mantra 4

58 Sukta
7 Mantra
4/52/4
Devata- उषाः Rishi- वामदेवो गौतमः Chhanda- निचृद्गायत्री Swara- षड्जः
Mantra with Swara
या॒व॒यद्द्वे॑षसं त्वा चिकि॒त्वित्सू॑नृतावरि। प्रति॒ स्तोमै॑रुभूत्स्महि ॥४॥

या॒व॒यत्ऽद्वे॑षसम् । त्वा॒ । चि॒कि॒त्वित् । सू॒नृ॒ता॒ऽव॒रि॒ । प्रति॑ । स्तोमैः॑ । अ॒भु॒त्स्म॒हि॒ ॥

Mantra without Swara
यावयद्द्वेषसं त्वा चिकित्वित्सूनृतावरि। प्रति स्तोमैरुभूत्स्महि ॥

यवयत्ऽद्वेषसम्। त्वा। चिकित्वित्। सूनृताऽवरि। प्रति। स्तोमैः। अभूत्स्महि ॥४॥

Ashtak » 3 Adhyay » 8 Varga » 3 Mantra » 4

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
हे (चिकित्वित्) जनाने और (सूनृतावरि) सत्यवाणी का प्रकाश करनेवाली स्त्री ! हम लोग (स्तोमैः) प्रशंसाओं से (यावयद्द्वेषसम्) द्वेष करनेवाले को पृथक् करानेवाली (त्वा) तुझको (प्रति, अभूत्स्महि) जानें ॥४॥
Essence
जो कभी द्वेष और द्वेष करनेवाले के सङ्ग को नहीं करती और सत्यवाणी और प्रशंसायुक्त है, वही स्त्री श्रेष्ठ है ॥४॥
Subject
फिर स्त्री गुणों को अगले मन्त्र में कहते हैं ॥