Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Rigveda Mandal 2 / Sukta 39 / Mantra 4

43 Sukta
8 Mantra
2/39/4
Devata- अश्विनौ Rishi- गृत्समदः शौनकः Chhanda- त्रिष्टुप् Swara- धैवतः
Mantra with Swara
ना॒वेव॑ नः पारयतं यु॒गेव॒ नभ्ये॑व न उप॒धीव॑ प्र॒धीव॑। श्वाने॑व नो॒ अरि॑षण्या त॒नूनां॒ खृग॑लेव वि॒स्रसः॑ पातम॒स्मान्॥

ना॒वाऽइ॑व । नः॒ । पा॒र॒य॒त॒म् । यु॒गाऽइ॑व । नभ्या॑ऽइव । नः॒ । उ॒प॒धी इ॒वेत्यु॑प॒धीऽइ॑व । प्र॒धी इ॒वेति॑ प्र॒धीऽइ॑व । श्वाना॑ऽइव । नः॒ । अरि॑षण्या । त॒नूना॑म् खृग॑लाऽइव । वि॒ऽस्रसः॑ । पा॒त॒म् । अ॒स्मान् ॥

Mantra without Swara
नावेव नः पारयतं युगेव नभ्येव न उपधीव प्रधीव। श्वानेव नो अरिषण्या तनूनां खृगलेव विस्रसः पातमस्मान्॥

नावाऽइव। नः। पारयतम्। युगाऽइव। नभ्याऽइव। नः। उपधी इवेत्युपधीऽइव। प्रधी इवेति प्रधीऽइव। श्वानाऽइव। नः। अरिषण्या। तनूनाम् खृगलाऽइव। विऽस्रसः। पातम्। अस्मान्॥

Ashtak » 2 Adhyay » 8 Varga » 4 Mantra » 4

Bhashya

More bhashyas
Meaning
हे विद्वानो ! जो वायु और बिजली (युगेव) रथादि में अश्वादिकों के समान जोड़े हुए (नावेव) वा जैसे उत्तमता से नावें वैसे (नः) हम लोगों को (पारयतम्) पार पहुँचाते (नभ्येव) वा रथ के पहियों के बीच के अङ्ग के समान वा (उपधीव) रथ के बीच के भाग की धारण करनेवाली लकड़ी के समान वा (प्रधीव) समस्त रथ की धारण करनेवाली दो लकड़ियों के समान (नः) हम लोगों को पहुँचाते हैं वा (श्वानेव) चोरादिकों से रक्षा करनेवाले कुत्तों के समान (नः) हमारे (तनूनाम्) शरीरों को (अरिषण्या) न नष्ट करनेहारे हैं और (खृगलेव) जो खोदने को गलाते हुए के समान (विस्रसः) जीर्णावस्था से (अस्मान्) हम लोगों की (पातम्) रक्षा करते हैं, उनका हम लोगों को आप उपदेश देओ ॥४॥
Essence
इस मन्त्र में उपमालङ्कार है। कोई भी सृष्टि के पदार्थों के गुण, कर्म और स्वभावों को न जान के पूर्ण विद्यावाला नहीं होता है, इससे सृष्टि की विद्याओं का अच्छे प्रकार प्रचार करना चाहिये ॥४॥
Subject
फिर उसी विषय को अगले मन्त्र में कहा है।

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.