Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Rigveda Mandal 1 / Sukta 119 / Mantra 6

191 Sukta
10 Mantra
1/119/6
Devata- अश्विनौ Rishi- कक्षीवान् दैर्घतमसः Chhanda- निचृज्जगती Swara- निषादः
Mantra with Swara
यु॒वं रे॒भं परि॑षूतेरुरुष्यथो हि॒मेन॑ घ॒र्मं परि॑तप्त॒मत्र॑ये। यु॒वं श॒योर॑व॒सं पि॑प्यथु॒र्गवि॒ प्र दी॒र्घेण॒ वन्द॑नस्ता॒र्यायु॑षा ॥

यु॒वम् । रे॒भम् । परि॑ऽसूतेः । उ॒रु॒ष्य॒थः॒ । हि॒मेन॑ । घ॒र्मम् । परि॑ऽतप्तम् । अत्र॑ये । यु॒वम् । श॒योः । अ॒व॒सम् । पि॒प्य॒थुः॒ । गवि॑ । प्र । दी॒र्घेण॑ । वन्द॑नः । ता॒रि॒ । आयु॑षा ॥

Mantra without Swara
युवं रेभं परिषूतेरुरुष्यथो हिमेन घर्मं परितप्तमत्रये। युवं शयोरवसं पिप्यथुर्गवि प्र दीर्घेण वन्दनस्तार्यायुषा ॥

युवम्। रेभम्। परिऽसूतेः। उरुष्यथः। हिमेन। घर्मम्। परिऽतप्तम्। अत्रये। युवम्। शयोः। अवसम्। पिप्यथुः। गवि। प्र। दीर्घेण। वन्दनः। तारि। आयुषा ॥ १.११९.६

Ashtak » 1 Adhyay » 8 Varga » 21 Mantra » 1

Bhashya

More bhashyas
Meaning
हे सब विद्याओं में व्याप्त स्त्री-पुरुषो ! जैसे (युवम्) तुम दोनों (अत्रये) आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक ये तीन दुःख जिसमें नहीं हैं, उस उत्तम सुख के लिये (परिसूतेः) सब ओर से दूसरे विद्या जन्म में प्रसिद्ध हुए विद्वान् से विद्या को पाये हुए (परितप्तम्) सब प्रकार क्लेश को प्राप्त (रेभम्) समस्त विद्या की प्रशंसा करनेवाले विद्वान् मनुष्य को (हिमेन) शीत से (घर्मम्) घाम के समान (उरुष्यथः) पालो अर्थात् शीत से घाम जैसे बचाया जावे वैसे पालो (युवम्) तुम दोनों (गवि) पृथिवी में (शयोः) सोते हुए की (अवसम्) रक्षा आदि को (पिप्यथुः) बढ़ाओ (वन्दनः) प्रशंसा करने योग्य व्यवहार (दीर्घेण) लम्बी बहुत दिनों की (आयुषा) आयु से तुम दोनों ने (तारि) पार किया वैसा हम लोग भी (प्र) प्रयत्न करें ॥ ६ ॥
Essence
इस मन्त्र में वाचकलुप्तोपमालङ्कार है। हे विवाह किये हुए स्त्री-पुरुषो ! जैसे शीत से गरमी मारी जाती है वैसे अविद्या को विद्या से मारो, जिससे आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक ये तीन प्रकार के दुःख नष्ट हों। जैसे धार्मिक राजपुरुष चोर आदि को दूरकर सोते हुए प्रजाजनों की रक्षा करते हैं, और जैसे सूर्य्य चन्द्रमा सब जगत् को पुष्टि देकर जीवने के आनन्द को देनेवाले हैं, वैसे इस जगत् में प्रवृत्त होओ ॥ ६ ॥
Subject
फिर उसी विषय को अगले मन्त्र में कहा है ।

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.