Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 91 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 91

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 91
Shloka
अदीयमाना भर्तारं अधिगच्छेद्यदि स्वयम्। नैनः किं चिदवाप्नोति न च यं साधिगच्छति॥

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Meaning
(अदीयमाना) पिता आदि अभिभावक के द्वारा विवाह न करने पर (यदि स्वयं भर्तारम् + अधिगच्छेत्) जो कन्या यदि स्वयं पति का वरण कर ले तो (किंचित् एनः न अवाप्नोति) वह कन्या किसी पाप की भागी नहीं होती (च) और (न सायम् अधिगच्छति) न उसे कोई पाप होता है जिस पति को यह वररण करती है॥९१॥