Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 89 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 89

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 89
Shloka
कामं आ मरणात्तिष्ठेद्गृहे कन्या र्तुमत्यपि। न चैवैनां प्रयच्चेत्तु गुणहीनाय कर्हि चित्॥

Bhashya

Meaning
(कामम्) चाहे (आमरणात्) मरणपर्यंन्त (कन्या) कन्या (गृहे) पिता के घर में (तिष्ठेत्) बिना विवाह के बैठी भी रहे (तु) परन्तु (गुणहीनाय) गुरणहीन असदृश दुष्टपुरुष के साथ (एनां कर्हिचित् न प्रयच्छेत्) कन्या का विवाह कभी न करे॥८९॥(सं० वि० विवाह संस्कार)