Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 8 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 8

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 8
Shloka
पतिर्भार्यां संप्रविश्य गर्भो भूत्वेह जायते। जायायास्तद्धि जायात्वं यदस्यां जायते पुनः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(पति: भार्यां संप्रविश्य) पति वीर्यरूप में स्त्री में प्रवेश करके (गर्भ: भूत्वा इह जायते) गर्भ बनकर सन्तानरूप से संसार में उत्पन्न होता है (जायाया: तत् + हि जायात्वम्) स्त्री का यही जायापन = स्त्रीपन है (यत्) जो (अ पुनः जायते) इस स्त्री में सन्तानरूप से पति पुनः उत्पन्न होता है॥८॥