Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 63 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 63

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 63
Shloka
नियुक्तौ यौ विधिं हित्वा वर्तेयातां तु कामतः। तावुभौ पतितौ स्यातां स्नुषागगुरुतल्पगौ॥

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1 Bhashyas
Meaning
(नियुक्तौ यौ) नियोग के लिए नियुक्त बड़ा या छोटा भाई यदि (विधि = हित्वा) नियोग की विधि = व्यवस्था [ समाज या परिवार में किये गये पूर्व निश्चयों ] को छोड़कर (कामतः वर्तेयाताम्) काम के वशीभूत होकर संभोगादि करें (तु) तो (तौ + उभौ) वे दोनों (स्नुषाग-गुरुतल्पगौ पतितौ स्याताम्) पुत्रवधुगमन और गुरुपत्नीगमन के अपराधी माने जायेंगे॥६३॥