Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 62 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 62

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 62
Shloka
विधवायां नियोगार्थे निर्वृत्ते तु यथाविधि। गुरुवच्च स्नुषावच्च वर्तेयातां परस्परम्॥

Bhashya

Meaning
(यथाविधि) विधि अनुसार (विधवायां नियोगार्थे निर्वृ त्ते तु) विधवा में नियोग के उद्देश्यपूर्ण हो जाने पर फिर (गुरुवत् च स्नुषावत् च परस्परं वर्तेयाताम्) वड़े भाई तथा छोटे भाई की स्त्री से क्रमशः गुरुपत्नी तथा पुत्रवधू के समान परस्पर बर्ताव करें॥६२॥