Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 57 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 57

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 57
Shloka
भ्रातुर्ज्येष्ठस्य भार्या या गुरुपत्न्यनुजस्य सा। यवीयसस्तु या भार्या स्नुषा ज्येष्ठस्य सा स्मृता॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(ज्येष्ठस्य भ्रातुः या भार्या) बड़े भाई की जो पत्नी होती है (सा अनुजस्य गुरुपत्नी) वह छोटे भाई के लिए गुरुपत्नी के समान होती है (तुया यवीयसः भार्या) और जो छोटे भाई की पत्नी है (सा ज्येष्ठस्य स्नुषा) वह बड़े भाई के लिए पुत्रवधू के समान (स्मृता) कही गयी है॥५७॥