Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 53 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 53

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 53
Shloka
क्रियाभ्युपगमात्त्वेतद्बीजार्थं यत्प्रदीयते। तस्येह भागिनौ दृष्टौ बीजी क्षेत्रिक एव च॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यत्) परन्तु यदि (क्रिया + अभ्युपगमात्) परस्पर मिलकर यह निश्चय करके कि इससे प्राप्त फल 'अमुक का' या दोनों का होगा इस समझौते के साथ (एतत् बीजार्थं प्रदीयते) जो खेत बीज वोने के लिये दिया जाता है (इह तस्य) इस लोक में उसके (बीजी च क्षेत्रिक एव भागिनौ दृष्टौ) वीजवाला और खेतवाला दोनों ही फल के अधिकारी देखे गये हैं॥५३॥