Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 49 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 49

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 49
Shloka
येऽक्षेत्रिणो बीजवन्तः परक्षेत्रप्रवापिणः। ते वै सस्यस्य जातस्य न लभन्ते फलं क्व चित्॥

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Meaning
क्योंकि (ये+अक्षेत्रिणः वीजवन्तः) जो क्षेत्ररहित हैं और बीज वाले हैं (परक्षेत्रप्रवापिणः) तथा दूसरे के क्षेत्र में उस बीज को बोते हैं (ते वै) निश्चय से (क्वचित्) कहीं भी (जातस्य सस्यस्य फलं न लभन्ते) उत्पन्न हुये अन्न के फल को नहीं प्राप्त करते॥४६॥