Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 4 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 4

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 4
Shloka
कालेऽदाता पिता वाच्यो वाच्यश्चानुपयन्पतिः। मृते भर्तरि पुत्रस्तु वाच्यो मातुररक्षिता॥

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1 Bhashyas
Subject
स्त्री-पुरुष के दैनिक व्यवहार
Meaning
(काले) विवाह की अवस्था में (अदाता) कन्या को न देने वाला अर्थात् विवाह न करने वाला (पिता वाच्यः) पिता निन्दनीय होता है (च) प्रौर (अनुपयन् पतिः) [विवाह पश्चात् ऋतुकाल के अनन्तर] संगम न करने वालापति निन्दनीय होता है (भर्तरि मृते) पति की मृत्यु होने के बाद (मातु: + अरक्षिता पुत्रः वाच्यः) माता की [भरण-पोषण आदि से] रक्षा न करने वाला पुत्र निन्दनीय होता है॥४॥