Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 34 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 34

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 34
Shloka
विशिष्टं कुत्र चिद्बीजं स्त्रीयोनिस्त्वेव कुत्र चित्। उभयं तु समं यत्र सा प्रसूतिः प्रशस्यते॥

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Meaning
[प्राणियों की उत्पत्ति में] (कुत्रचित् वीजं विशिष्टम्) कहीं बीज की प्रधानता होती है (कुत्रचित् स्त्रीयोनिः तु+एव) कहीं स्त्रीयोनि की प्रधानता होती है (उभयं तु यत्र समम्) किन्तु जहां दोनों की प्रधानता होती है (सा है प्रसूतिः प्रशस्यते) वह सन्तान प्रशंसनीय होती है॥३४॥