Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 325 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 325

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 325
Shloka
एषोऽखिलः कर्मविधिरुक्तो राज्ञः सनातनः। इमं कर्मविधिं विद्यात्क्रमशो वैश्यशूद्रयोः॥

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1 Bhashyas
Subject
वैश्य-शुद्रों के कर्तव्य -
Meaning
(एषः) यह [७ । १ से ६ | ३२४ तक ] (राज्ञः सनातनः अखिलः कर्मविधिः उक्तः) राजा की सनातन और सम्पूर्ण कार्य करने की विधि कही । अब (वैश्य-शूद्रयोः) वैश्यों और शूद्रों की (कर्मविधि इमं विद्यात्) इस कर्मविधि को अगले अध्याय में जानें॥३२५॥