Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 312 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 312

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 312
Shloka
एतैरुपायैरन्यैश्च युक्तो नित्यं अतन्द्रितः। स्तेनान्राजा निगृह्णीयात्स्वराष्ट्रे पर एव च॥

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1 Bhashyas
Meaning
(राजा) राजा (एतैः उपायैः च अन्यैः युक्तः) इन पूर्वोक्त उपायों तथा इनसे भिन्न जो और उपाय हों उनसे युक्त होकर (नित्यम् +अतन्द्रितः) सदा आलस्यहीन रहता हुआ (स्वराष्ट्रे च पर एव) अपने राष्ट्र में रहने वाले और दूसरे राष्ट्र से आकर चोरी करने वाले (स्तेनान् निगृह्णीयात्) चोरों को वश में करे॥३१२॥