Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 31 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 31

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 31
Shloka
पुत्रं प्रत्युदितं सद्भिः पूर्वजैश्च महर्षिभिः। विश्वजन्यं इमं पुण्यं उपन्यासं निबोधत॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
पुत्र के सम्बन्ध में क्षेत्र और वीज का उदाहरण
Meaning
(सद्भिः च पूर्वजैः महर्षिभिः) श्रेष्ठ व्यक्तियों तथा प्राचीन महर्षियों ने (पुत्रं प्रति) पुत्र के विषय में जो (विश्वजन्यं पुण्यम् उदितम्) सर्वजनहितकारी और पुण्यदायक विचार कहा है (इमम् उपन्यासं निवोधत) इस 'शिक्षाप्रद विचार' को सुनो—॥३१॥