Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 308 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 308

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 308
Shloka
वरुणेन यथा पाशैर्बद्ध एवाभिदृश्यते। तथा पापान्निगृह्णीयाद्व्रतं एतद्धि वारुणम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(यथा) जिस प्रकार अपराधी मनुष्य (वरुणेन पाशै: बद्धः एव + अभि रूयते) वरुण के पाशों से मनुष्य बंधा हुआ दीखता हैं अर्थात् अवश्य बांधा जाता है (तथा) उपी प्रकार राजा भो (पापान निगृह्णयात्) पापियों = अपराधियों को सुधरने तक वन्धन में = कारागार में डालें रखे (एतत् हि वारुणं व्रतम्) यही राजा का 'वारुणव्रत' है | ३०८॥