Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 307 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 307

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 307
Shloka
यथा यमः प्रियद्वेष्यौ प्राप्ते काले नियच्छति। तथा राज्ञा नियन्तव्याः प्रजास्तद्धि यमव्रतम्॥

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Meaning
(यथा यमः) जिस प्रकार यम = मृत्यु (काले प्राप्ते) समय आने पर (प्रियद्वेष्यौ नियच्छति) प्रिय और शत्रु सबको मारता है (राज्ञा तथा प्रजाः नियन्तव्याः) राजा को उसो प्रकार अपराध करने पर प्रिय - शत्रु सभी प्रजा को न्यायपूर्वक दण्ड देना चाहिए (तत् हि यमव्रतम्) यही राजा का 'यमव्रत' है ॥३०७॥