Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 306 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 306

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 306
Shloka
प्रविश्य सर्वभूतानि यथा चरति मारुतः। तथा चारैः प्रवेष्टव्यं व्रतं एतद्धि मारुतम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यथा मारुतः) जैसे वायु (सर्वभूतानि प्रविश्य) सब प्राणियों में प्रविष्ट होकर (चरति) विचरण करता है (तथा) उसी प्रकार (चारै: प्रवेष्टव्यम्) राजा को गुप्तचरों द्वारा सर्वत्र प्रवेश करना चाहिए (एतत् हि मारुतं व्रतम्) यही राजा का 'मारुतव्रत' है ॥३०६॥