Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 305 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 305

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 305
Shloka
अष्टौ मासान्यथादित्यस्तोयं हरति रश्मिभिः। तथा हरेत्करं राष्ट्रान्नित्यं अर्कव्रतं हि तत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(यथा + आदित्य:) जैसे सूर्य (रश्मिभिः) अपनी किरणों से (अष्टौ मासान् तयं हरति) आठ मास तक जलग्रहण करता है (तथा) उसी प्रकार राजा (राष्ट्रात् नित्यं करं हरेत्) राष्ट्र से कर ग्रहरण करे (अर्कव्रतं हि तत्) यही राजा का 'अर्कत' है ॥३०५॥