Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 304 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 304

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/304
Adhyay 9 Shloka 304
Shloka
वार्षिकांश्चतुरो मासान्यथेन्द्रोऽभिप्रवर्षति। तथाभिवर्षेत्स्वं राष्ट्रं कामैरिन्द्रव्रतं चरन्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यथा + इन्द्रः वार्षिकान् चतुर: मासान्) जैसे इन्द्र [=वृष्टिकारक शक्ति ] प्रत्येक वर्ष के श्रावण आदि चार मासों में (अभिप्रवर्षति) जल बरसाता है (तथा इन्द्रव्रतं चरन्) उसी प्रकार इन्द्र के व्रत को आचरण में लाता हुआ राजा (स्वं राष्ट्र कामैः अभिवर्षेत्) अपने राष्ट्र की कामनाओं को पूर्ण करे॥३०४॥