Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 299 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 299

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/299
Adhyay 9 Shloka 299
Shloka
पीडनानि च सर्वाणि व्यसनानि तथैव च। आरभेत ततः कार्यं संचिन्त्य गुरुलाघवम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(सर्वाणि पीडनानि) अपने तथा शत्रु के राज्य में आई सभो व्याधि,आपत्ति आदि पीड़ाओं को (तथैव व्यसनानि) तथा व्यसनों के प्रसार को (च) और (गुरु-लाघवं विचिन्त्य) बड़े-छोटे अर्थात् अपने और शत्रु राजा में कौन कम-अधिक शक्तिशाली है (विचिन्त्य) इन बातों पर विचार करके (ततः कार्यम् + आरभेत) उसके पश्चात् राजा सन्धि-विग्रह आदि कार्य को आरम्भ करे ॥२९९॥